India-Japan के बीच की दोस्ती हमेशा से ही बहुत गहरी और भरोसेमंद रही है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए दोनों देशों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास निमंत्रण पर, जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री Sanae Takaichi 1 से 3 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली आ रही हैं। वे यहां 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगी। दोनों देशों के बीच होने वाली यह उच्च स्तरीय बैठक आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और व्यापार के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
जापानी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा
पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री साने ताकाइची की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा होगी। इससे पहले, फरवरी 2026 में जब Sanae Takaichi ने जापान में चुनाव जीता था, तब पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें खास बधाई दी थी। पीएम मोदी ने भरोसा जताया था कि उनकी लीडरशिप में दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे। यह समिट दोनों नेताओं को आमने-सामने बैठकर वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का एक बेहतरीन मौका देगा।

India-Japan द्विपक्षीय सहयोग
इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान India-Japan द्विपक्षीय सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी है। दोनों पक्ष अपने पुराने समझौतों की समीक्षा करेंगे और रक्षा, तकनीक व सांस्कृतिक क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाएंगे। इससे पहले, अगस्त 2025 में पीएम मोदी खुद जापान गए थे, जहां उन्होंने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी। नया शिखर सम्मेलन इसी कड़ी का अगला हिस्सा है।

आर्थिक साझेदारी और समझौते
इस बैठक का सबसे मुख्य एजेंडा आर्थिक साझेदारी और समझौते होने वाला है। पिछले साल टोक्यो में हुए आर्थिक मंच के दौरान पीएम मोदी ने पांच-पॉइंट रोडमैप पेश किया था, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक घरानों के बीच कई बिजनेस डील फाइनल हुई थीं। इस बार भी दिल्ली में दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपतियों की मौजूदगी में व्यापार को आसान बनाने और नए निवेश को लेकर कई अहम समझौतों पर मुहर लग सकती है।

सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन सहयोग
आज के तकनीकी दौर में सेमीकंडक्टर की अहमियत किसी से छिपी नहीं है। पिछले जापान दौरे पर पीएम मोदी ने मियागी प्रांत के सेंडाई शहर का दौरा किया था, जहां उन्होंने प्रमुख टेक कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड के कारखाने को देखा था। भारत इस समय खुद को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बनाना चाहता है, ऐसे में इस समिट के दौरान सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन सहयोग और उन्नत तकनीक के हस्तांतरण पर बहुत गंभीर चर्चा होने की उम्मीद है।
जापान के साथ भारत के संबंध हमेशा से ही विकास और स्थिरता के प्रतीक रहे हैं। साने ताकाइची का यह दिल्ली दौरा न केवल दोनों देशों के व्यापारिक और रणनीतिक हितों को नई दिशा देगा, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति और समृद्धि का एक नया अध्याय भी लिखेगा। इस समिट के नतीजों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
