Nomadic Development Board : सपेरा समाज की विरासत पर CM योगी का सम्मान, यूपी में बना घुमंतू विकास बोर्ड । DD News Uttar Pradesh

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Nomadic Development Board : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों को भारत के स्वतंत्रता संग्राम का असली नायक करार दिया है। मुख्यमंत्री आवास पर ‘घुमंतू विकास बोर्ड’ के गठन के उपलक्ष्य में आयोजित आभार कार्यक्रम में उन्होंने पहली बार इस समाज के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। सीएम योगी ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत ने इन देशभक्त समुदायों को प्रताड़ित करने के लिए ‘अपराधी जनजाति’ घोषित कर दिया था, लेकिन अब राज्य सरकार इनके गौरवशाली इतिहास को सम्मान दिलाने और इन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने 1871 में क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट बनाकर घुमंतू जातियों पर अन्याय किया था, जबकि यही समुदाय विदेशी शासन के खिलाफ सबसे मजबूती से लड़ रहा था। आजादी के बाद बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इस काले कानून को समाप्त कराकर इन्हें ‘विमुक्त जाति’ का दर्जा दिलाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार इन समुदायों के उत्थान के लिए आयोग बनाया और अब यूपी सरकार ने ‘घुमंतू विकास बोर्ड’ का गठन कर इनके कल्याण की दिशा में एक नया अध्याय शुरू किया है।

सपेरा समाज का सांस्कृतिक योगदान और उपेक्षित जातियों का सशक्तिकरण

सपेरा समाज का विशेष उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह समुदाय प्राचीन काल से गुरु श्री गोरखनाथ जी की परंपरा से जुड़ा रहा है। जब संचार के साधन नहीं थे, तब यह समाज अपने भजनों और वाद्य यंत्रों के जरिए लोगों को विदेशी आक्रमणों के प्रति जागरूक करता था। इसके साथ ही सरकार ने वनटांगिया गांवों को राजस्व दर्जा देने, मुसहर, थारू, बुक्सा, गोंड, कोल और सहरिया जैसी जातियों को पक्के मकान, राशन और पहचान पत्र जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है।

क्या है घुमंतू विकास बोर्ड और कैसे मिलेगा इससे फायदा

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित यह विशेष बोर्ड विमुक्त और अर्ध-घुमंतू जातियों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास पर केंद्रित रहेगा। इस बोर्ड के जरिए बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति, युवाओं के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार, रहने के लिए आवास और भूमि के पट्टे उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सोनभद्र, मिर्जापुर और बलरामपुर में बन रहे ट्राइबल म्यूजियम के माध्यम से इनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और इतिहास को भी सहेजने का काम तेजी से किया जा रहा है।

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