नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने बदली किस्मत: किसान को मिला 15 करोड़ का मुआवजा, खरीदा हेलिकॉप्टर; अब विदेश यात्रा की तैयारी

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जेवर (गौतम बुद्ध नगर)। किस्मत कब और किस करवट बैठ जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। अक्सर लोग मजबूरी में अपनी जमीन बेचते हैं, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक किसान के लिए अपनी जमीन देना वरदान साबित हुआ है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के बदले मिले भारी-भरकम मुआवजे ने एक साधारण किसान के जीवन को ‘शाही’ बना दिया है। करीब 15 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलने के बाद इस किसान ने न सिर्फ अपनी सुख-सुविधाएं बढ़ाईं, बल्कि एक हेलिकॉप्टर खरीदकर सबको हैरान कर दिया है।

गांवों के लिए बनी ‘कुबेर का खजाना’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मार्च को लॉन्च किए गए इस मेगा एयरपोर्ट प्रोजेक्ट ने जेवर और आसपास के गांवों की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन गांवों में पहले आय के साधन सीमित थे, वहां अब समृद्धि की नई लहर है। जमीन अधिग्रहण के बदले मिले करोड़ों रुपये के मुआवजे ने ग्रामीणों की बरसों पुरानी इच्छाओं को पंख लगा दिए हैं। कई परिवारों का जीवन स्तर रातों-रात वैश्विक मानकों जैसा हो गया है।

मुआवजे से आया ‘हेलिकॉप्टर’ और अब विदेश की सैर

चर्चा का केंद्र बने इस किसान की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी लगती है। 15 करोड़ रुपये की बड़ी राशि मिलने के बाद किसान ने अपनी रईसी का परिचय देते हुए हेलिकॉप्टर खरीदा। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कल तक जो किसान खेतों में ट्रैक्टर चलाता था, वह अब आसमान की सैर करेगा। इतना ही नहीं, अब यह किसान परिवार के साथ थाईलैंड यात्रा की योजना बना रहा है।

छोटे कारोबारियों और ग्रामीणों को भी मिला सहारा

सिर्फ बड़े किसान ही नहीं, बल्कि छोटे व्यवसायों से जुड़े लोगों की किस्मत भी चमकी है। बनवारी बास के 26 वर्षीय शिवम प्रजापति जैसे युवाओं का कहना है कि मुआवजे के पैसे ने लोगों की जीवनशैली को आधुनिक बना दिया है। एक 56 वर्षीय ग्रामीण ने अपने घर में छह अतिरिक्त कमरे बनाकर मजदूरों को किराए पर देना शुरू किया, जिससे उन्हें एक स्थिर आय होने लगी। हालांकि, निर्माण कार्य धीमा होने या पूरा होने पर अब ये कमरे खाली भी हो रहे हैं, जो एक नई चुनौती पेश कर रहे हैं।

समृद्धि के साथ आईं नई चुनौतियां

किशोरपुर गांव के अजय बेनीवाल जैसे लोग, जिन्होंने मजदूरों की जरूरतों को समझकर अपना छोटा व्यवसाय शुरू किया, अब महीने के 60 हजार रुपये तक कमा रहे हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर किसान द्वारा हेलिकॉप्टर खरीदे जाने को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। जहां कुछ लोग इसे इलाके की प्रतिष्ठा और विकास का प्रतीक मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे ‘फिजूलखर्ची’ करार दे रहे हैं। जानकारों का मानना है कि अचानक मिली इस बेहिसाब दौलत का सही प्रबंधन करना ग्रामीणों के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि निवेश की सही समझ न होने पर यह समृद्धि अल्पकालिक भी हो सकती है।

विकास की नई उड़ान

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के विकास का इंजन बनने जा रहा है। इसके आसपास के क्षेत्रों में हो रहा यह आर्थिक बदलाव इस बात का सबूत है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स किस तरह स्थानीय आबादी के भाग्य को पूरी तरह बदल सकते हैं। फिलहाल, पश्चिमी यूपी के इस ‘हेलिकॉप्टर वाले किसान’ की चर्चा हर जुबान पर है।

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