Ebola Virus Outbreak : अफ्रीका के कांगो और युगांडा में पैर पसार रहा यह Ebola Virus Outbreak इस बार बेहद खतरनाक माना जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 17 मई 2026 को इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (Global Health Emergency) घोषित कर दिया है। इसके तुरंत बाद अफ्रीका सीडीसी ने भी इसे पूरे महाद्वीप की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना है। इस वायरस के नए स्ट्रेन ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है क्योंकि यह बहुत तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है।
बिना इलाज वाला नया स्ट्रेन बना मुसीबत
इस बार जो Ebola Virus Outbreak हुआ है, उसके पीछे इबोला वायरस का ‘बुंडीबुग्यो स्ट्रेन’ (Bundibugyo strain) है। डॉक्टरों के मुताबिक, इबोला एक बेहद खतरनाक बुखार है जिसमें शरीर के अंदरूनी हिस्सों से खून बहने लगता है और इसमें मरीजों की मौत का खतरा बहुत ज्यादा होता है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इस नए बुंडीबुग्यो स्ट्रेन से बचने के लिए फिलहाल दुनिया में कोई भी स्वीकृत टीका (Vaccine) या पक्का इलाज मौजूद नहीं है। इसी वजह से दुनिया भर की हेल्थ एजेंसियां ज्यादा डरी हुई हैं।

भारत सरकार ने जारी की सख्त ट्रैवल एडवाइजरी
अफ्रीका में बढ़ते इस खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने भी तुरंत कड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि वे अगले आदेश तक कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे प्रभावित देशों की गैर-जरूरी यात्रा करने से बचें। इसके साथ ही, जो भारतीय नागरिक इस समय इन देशों में रह रहे हैं या काम कर रहे हैं, उन्हें स्थानीय प्रशासन के नियमों का कड़ाई से पालन करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
एयरपोर्ट और सीमाओं पर बढ़ाई गई निगरानी
डब्ल्यूएचओ की आपातकालीन समिति ने पड़ोसी देशों में संक्रमण फैलने की चेतावनी दी है, खासकर दक्षिण सूडान में इसका खतरा सबसे ज्यादा है। एक्सपर्ट्स ने प्रभावित इलाकों से आने-जाने वाले यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग और थर्मल स्कैनिंग करने की सिफारिश की है। अस्पतालों को भी आदेश दिए गए हैं कि अगर कोई मरीज बिना किसी स्पष्ट कारण के तेज बुखार की शिकायत लेकर आता है, तो उसकी तुरंत जांच और रिपोर्टिंग की जाए ताकि इस वायरस को फैलने से रोका जा सके।







