Nainital-Cainchi Dham : यदि आप उत्तराखंड के खूबसूरत हिल स्टेशन नैनीताल या प्रसिद्ध नीम करौली बाबा के ‘कैंची धाम’ आश्रम जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अब बिना पूर्व बुकिंग और रजिस्ट्रेशन के नैनीताल और कैंची धाम पहुंचना आसान नहीं रहेगा। पिछले लंबे वीकेंड पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की अचानक बढ़ी अनियंत्रित भीड़ को देखते हुए कुमाऊं प्रशासन ने कड़े नियम लागू करने का बड़ा फैसला लिया है।
कैंची धाम में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और पर्यटकों की सीमा तय
पिछले वीकेंड पर कैंची धाम में एक ही दिन में 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच गई थी, जिससे ट्रैफिक और व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। इसके बाद पुलिस और कुमाऊं कमिश्नर ने स्टेकहोल्डरों के साथ बैठक कर नए नियम तय किए हैं:
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डेली एंट्री की लिमिट: कैंची धाम में अब रोजाना केवल 20,000 से 25,000 पर्यटकों व श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
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रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य: कैंची धाम दर्शन के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू की जा रही है। डीएम और एसएसपी को इसका पूरा ड्राफ्ट बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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होटल व शटल सेवा की बुकिंग: नैनीताल और कैंची धाम आने वाले उन्हीं पर्यटकों को एंट्री मिलेगी, जिन्होंने पहले से होटल या शटल सेवा की बुकिंग करा रखी होगी।
ओवररेटिंग करने वाले दुकानदारों और होटलों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने पर्यटकों से मनमाना किराया या सामान के ज्यादा पैसे वसूलने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली है:
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रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य: कैंची धाम और नैनीताल के सभी दुकानदारों और होटल मालिकों को अपनी रेट लिस्ट सार्वजनिक रूप से लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
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लाइसेंस होगा रद्द: नियमों का उल्लंघन करने या ओवररेटिंग (Overrating) करने पर संबंधित दुकान या होटल का लाइसेंस सीधे निरस्त कर दिया जाएगा।
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शिप्रा नदी में नहाने पर रोक: कैंची धाम स्थित पवित्र शिप्रा नदी में नहाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और वन विभाग को नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
हाईवे पर फ्री मूवमेंट और ट्रैफिक मैनेजमेंट का प्लान
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य हाईवे पर जाम की स्थिति को खत्म करना है ताकि अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जाने वाले स्थानीय लोगों व यात्रियों को कोई परेशानी न हो:
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शटल सेवा का संचालन: वीकेंड्स से पहले एसडीएम और सीओ की देखरेख में शटल गाड़ियां चलाई जाएंगी।
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अलग-अलग रास्ते: कैंची धाम में भीड़ को संभालने के लिए आने और जाने के अलग-अलग पैदल मार्ग तैयार किए जाएंगे।
हिमाचल के त्रियुंड में भी लागू हुई पर्यटकों की सीमा
उत्तराखंड के कैंची धाम की तरह ही हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध ट्रेकिंग प्वाइंट ‘त्रियुंड’ (Triund) में भी भीड़ नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। वहां वन विभाग ने प्रतिदिन केवल 1,000 पर्यटकों की क्षमता सीमा को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है।
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