Mouth Cancer Awareness : हमारे मुंह में छाले होना एक बहुत ही आम बात है। कई बार कुछ ज्यादा गर्म या तीखा खा लेने से जीभ या गाल के अंदर छाले पड़ जाते हैं, जो हफ्ते-दस दिन में अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। ठीक इसी तरह, सर्दी-जुकाम होने पर हमारी आवाज का भारी होना या बैठ जाना भी नॉर्मल है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि अगर ये समस्याएं हफ्तों तक ठीक न हों, तो क्या करना चाहिए? जी हां, अगर बार-बार मुंह में हो रहे हैं छाले या बदल रही है आवाज, तो इसे हल्के में बिल्कुल मत लीजिए।
जब छाले और आवाज का भारीपन बन जाए मुसीबत
डॉक्टरों के मुताबिक, अगर आपके मुंह के छाले दो से तीन सप्ताह से ज्यादा समय तक ठीक नहीं हो रहे हैं और उनका दर्द लगातार बढ़ता जा रहा है, तो आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। इसके अलावा, बिना किसी सर्दी-जुकाम के अचानक आपकी आवाज में भारीपन आ गया हो या आवाज बदल गई हो, तो यह गले या मुंह के अंदर किसी गंभीर बीमारी का इशारा हो सकता है। इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
इन शुरुआती लक्षणों को पहचानना है जरूरी
ओरल कैंसर के कुछ और भी लक्षण हैं जिन्हें हमें समय रहते पहचानना चाहिए। जैसे मुंह के अंदर सफेद या लाल रंग के धब्बे दिखाई देना, मसूड़ों या गालों में बिना वजह सूजन आ जाना, खाना चबाने या निगलने में तकलीफ होना, अचानक दांतों का ढीला हो जाना और बिना किसी कारण के वजन का तेजी से कम होना। अगर शरीर में ऐसे बदलाव दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
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क्यों होती है यह खतरनाक बीमारी?
मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा और मुख्य कारण तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला और शराब का अत्यधिक सेवन है। इनका लगातार इस्तेमाल मुंह की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा, मुंह की ठीक से सफाई न करना यानी खराब ओरल हाइजीन और दांतों या मसूड़ों की पुरानी बीमारियों का समय पर इलाज न कराना भी इस घातक बीमारी के खतरे को काफी हद तक बढ़ा देता है।
समय पर जांच ही है इसका असली बचाव
राहत की बात यह है कि ओरल कैंसर की पहचान अगर शुरुआती स्टेज में हो जाए, तो इसका पूरी तरह इलाज मुमकिन है। डॉक्टर आमतौर पर मुंह की फिजिकल जांच या बायोप्सी टेस्ट के जरिए इसकी पुष्टि करते हैं। बीमारी जितनी जल्दी पकड़ में आएगी, इलाज उतना ही आसान और सफल होगा। इसलिए, डरने के बजाय जागरूक बनना ज्यादा जरूरी है।
