Meerut Blue Drum Murder Case: Saurabh Rajput murder case में पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल दोषी करार, सजा पर हो सकता है जल्द फैसला

Meerut Blue Drum Murder Case

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Meerut Blue Drum Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ से जुड़े बहुचर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले ‘नीला ड्रम केस’ में अदालत का बड़ा फैसला आ गया है। मेरठ जिला अदालत ने मर्चेंट नेवी कर्मी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया है। मार्च 2025 में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया था। लगभग डेढ़ साल तक चले लंबे ट्रायल के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है, जबकि सजा के बिंदु पर अगली सुनवाई में निर्णय लिया जाएगा।

126 तारीखों और 22 गवाहों के बाद आया अदालत का फैसला

सौरभ राजपूत हत्याकांड में न्याय की यह लड़ाई काफी लंबी रही। 17 मार्च 2025 को यह मामला अदालत के सामने पहुंचा था। इसके बाद करीब 126 तारीखों तक चली सुनवाई और 22 से अधिक मुख्य गवाहों की गवाही दर्ज करने के बाद जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने अपना फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान जज ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि दोनों आरोपियों ने मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया और फिर साक्ष्य छिपाने के लिए शव को नीले ड्रम में बंद किया। फिलहाल अदालत ने सजा को सुरक्षित रखा है, वहीं पीड़ित परिवार ने दोनों दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।

अवैध संबंधों के चक्कर में रची गई थी खौफनाक साजिश

सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी में कार्यरत थे और अक्सर विदेश में रहते थे। इस दौरान मेरठ में रह रही उनकी पत्नी मुस्कान की नजदीकियां साहिल शुक्ला नाम के युवक से बढ़ गईं। फरवरी 2025 के अंत में जब सौरभ विदेश से अपने घर लौटे, तो मुस्कान और साहिल को लगा कि सौरभ उनके रास्ते का रोड़ा बन रहे हैं। इसके बाद दोनों ने मिलकर सौरभ को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 3 मार्च 2025 को मुस्कान ने पहले सौरभ के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं और उनके बेहोश होते ही अपने प्रेमी साहिल को घर बुला लिया।

हत्या के बाद शव के किए टुकड़े और ड्रम में डाला प्लास्टर

सौरभ के बेसुध होते ही मुस्कान और साहिल ने चाकू से उनके सीने और गले पर वार करके हत्या कर दी। इसके बाद वारदात को छिपाने के लिए वे शव को बाथरूम में ले गए और उसके टुकड़े कर दिए। अगले दिन आरोपियों ने बाजार से एक बड़ा नीला ड्रम, सीमेंट और बालू खरीदा।

शव के हिस्सों को ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट और बालू भर दिया गया, ताकि बदबू बाहर न फैले। आरोपी इस ड्रम को कहीं दूर फेंकने की योजना बना रहे थे, लेकिन वजन बहुत ज्यादा होने के कारण वे इसे घर में ही छोड़ कर शिमला फरार हो गए थे। बाद में पुलिस की तफ्तीश में पूरे राज से पर्दा उठा और अब अदालत ने दोनों को दोषी करार दे दिया है।

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