दिव्यांगजनों को टोल फ्री FASTag को लेकर बड़ी राहत मिली है। नए नियमों के तहत दिव्यांगता (Disability) के प्रतिशत के आधार पर FASTag की वैधता 3 से 5 साल तक होगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने देश के दिव्यांगजनों को बड़ी राहत देते हुए नेशनल हाईवे पर मिलने वाले टोल-फ्री ‘एग्जेंप्टेड फास्टैग’ (Exempted FASTag) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह नई व्यवस्था 2 अक्तूबर से पूरे देश में प्रभावी हो चुकी है।
दरअसल, पात्र दिव्यांगजनों को नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स में पहले से ही पूरी छूट मिलती है जिसमें अब बदलाव यह किया गया है कि टोल छूट के लिए जारी होने वाले FASTag को हर साल रिन्यू कराने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, नए नियमों के मुताबिक अब फास्टैग की वैधता को सीधे लाभार्थी की दिव्यांगता के प्रतिशत से जोड़ दिया गया है। आखिर नए नियमों के तहत किन लोगों को टोल में छूट मिलेगी और इसके लिए क्या प्रक्रिया होगी, आइए जानते हैं –
कितने साल की होगी FASTag वैधता?
– अब फास्टैग की वैधता दिव्यांगता प्रमाण-पत्र या यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड में दर्ज दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर तय होगी
– 70 फीसदी से 100 फीसदी दिव्यांगता वाले लोगों का फास्टैग 5 साल तक वैध रहेगा
– जबकि 40 फीसदी से 70 फीसदी दिव्यांगता वालों के लिए फास्टैग की वैधता 3 साल होगी
– इस अवधि के बाद फास्टैग को दोबारा रिन्यू कराना होगा
हालांकि, सिर्फ दिव्यांगता प्रमाण-पत्र होने से हर वाहन को टोल में छूट नहीं मिलेगी। नियम के मुताबिक छूट उन्हीं वाहनों के लिए है, जो दिव्यांग व्यक्ति के इस्तेमाल के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए हों या फिर दिव्यांगजन स्वामित्व श्रेणी में रजिस्टर्ड हों यानी पात्रता पूरी करने वाले वाहनों को नेशनल हाईवे फीस नियम, 2008 के तहत टोल में पूरी छूट मिलेगी। तो आखिर FASTag छूट का फायदा लेने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी… आइए, आपको बताते हैं…
FASTag छूट के लिए जरूरी दस्तावेज –
– वाहन का RC
– पहचान-पत्र
– वैध दिव्यांगता प्रमाण-पत्र / UDID कार्ड
– छूट से जुड़े जरूरी दस्तावेज
– FASTag पोर्टल पर आवेदन
दिव्यांगजन FASTag पर टोल छूट के लिए FASTag पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं। जहां संबंधित NHAI क्षेत्रीय कार्यालय का चयन करना होगा यानी नियमों के बाद दिव्यांगजनों को फास्टैग रिन्यू कराने की सालाना झंझट से राहत मिल गई है यानी अब दिव्यांगजन फास्टैग की वैधता ज्यादा लंबी होगी, लेकिन छूट के लिए तय नियम और दस्तावेज पूरे करना जरूरी रहेगा।
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