माटीकला महोत्सव 2025 का शुभारंभ, 50 निःशुल्क दुकानों में प्रदर्शित होंगे पारंपरिक और आधुनिक शिल्प

Share This Article

खादी भवन में शुक्रवार को माटीकला महोत्सव 2025 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी, हथकरघा एवं वस्त्र मंत्री राकेश सचान उपस्थित रहे। महोत्सव 10 से 19 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें विभिन्न जनपदों से आए कारीगरों की 50 निःशुल्क दुकानें लगाई गई हैं, जहां परंपरागत और आधुनिक माटीकला उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।

उद्घाटन समारोह में माटीकला बोर्ड द्वारा विकसित नवीन माटीकला पोर्टल और ई-वेरिफिकेशन मोबाइल एप का भी लोकार्पण किया गया। इसी अवसर पर 10 कारीगरों को निःशुल्क विद्युत चालित चाक, 2 कारीगरों को पगमिल मशीन और 2 लाभार्थियों को बैंकों से स्वीकृत ऋण के चेक वितरित किए गए।

मंत्री राकेश सचान ने बताया कि प्रदेश में मिट्टी के शिल्प, मूर्तियां, खिलौने, बर्तन एवं अन्य कलात्मक गृह उपयोगी वस्तुएं बनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। आज भी प्रदेश में पर्याप्त संख्या में कारीगर इस उद्योग में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि माटीकला बोर्ड की स्थापना 19 जुलाई, 2018 को परंपरागत उद्योगों को संरक्षित और संवर्धित करने, रोजगार सृजन और नवाचार के लिए की गई थी।

स्थापना के बाद अब तक 48,048 कारीगर परिवारों की पहचान की जा चुकी है और 37,190 कारीगरों को मिट्टी की निकासी हेतु पट्टा आवंटित किया जा चुका है। बोर्ड द्वारा अब तक 15,932 विद्युत चालित चाक और 375 पगमिल मशीनें वितरित की जा चुकी हैं। इस वित्तीय वर्ष में 2,500 चाक और 300 पगमिल मशीनें वितरित करने का लक्ष्य है। इसके अलावा, 603 जोड़ी पी.ओ.पी. डाई, 31 पेंटिंग मशीन और 81 दीया मशीनें कारीगरों को प्रदान की गई हैं।

मंत्री ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत पिछले छह वर्षों में 1,114 लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत कर उद्योग इकाइयों की स्थापना कराई गई। इस वर्ष 300 नई इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य में 6 कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि अमेठी, बरेली और बिजनौर में 3 नए CFC की स्थापना प्रक्रिया में हैं।

प्रशिक्षण योजना के तहत अब तक 16,307 लाभार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण, 1,114 को उद्यम संचालन और 6,786 को शिल्पकारी प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

उद्घाटन समारोह में माटीकला बोर्ड के महाप्रबंधक शिशिर, नोडल अधिकारी संजय कुमार पांडे सहित खादी ग्रामोद्योग बोर्ड और माटीकला बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

महोत्सव दीपावली के शुभ अवसर पर आयोजित किया गया है, जिससे न केवल कारीगरों को अपनी कला प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा, बल्कि प्रदेश के माटीकला उद्योग को भी नई पहचान और रोजगार सृजन का अवसर मिलेगा।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This