Breast Cancer in Men: अक्सर ब्रेस्ट कैंसर की बात होते ही हमारे दिमाग में केवल महिलाओं की तस्वीर आती है। ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि यह बीमारी सिर्फ महिलाओं को प्रभावित करती है, लेकिन सच्चाई यह है कि पुरुष भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेस्ट कैंसर के करीब 99 प्रतिशत मामले महिलाओं में दर्ज होते हैं, जबकि 0.5 से 1 प्रतिशत मामले पुरुषों में देखे जाते हैं। भले ही यह संख्या कम लगे, लेकिन जानकारी के अभाव में इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
लक्षणों की पहचान और जागरूकता का अभाव
हर साल अक्टूबर का महीना ‘ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह’ के रूप में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सही समय पर जांच और इलाज के लिए प्रेरित करना है। पुरुषों में इसके मामले कम होने के कारण अक्सर वे शुरुआती संकेतों पर ध्यान नहीं देते। सीने या निप्पल के पास गांठ बनना, निप्पल के आकार में बदलाव, खिंचाव, त्वचा में लाली या किसी प्रकार का स्राव होना इसके मुख्य लक्षण हो सकते हैं। किसी भी असामान्य बदलाव को बिना देर किए डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
उपचार और समय पर जांच का महत्व
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज भी उन्हीं सिद्धांतों पर होता है जो महिलाओं के लिए अपनाए जाते हैं। इसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी जैसी प्रक्रियाएं बीमारी के चरण के आधार पर तय की जाती हैं। बीमारी जितनी जल्दी पकड़ में आती है, इलाज उतना ही आसान और प्रभावी हो जाता है। इसलिए झिझक छोड़कर सही समय पर परामर्श लेना बेहद जरूरी है।
वैश्विक आंकड़े और समय पर इलाज की जरूरत
वैश्विक स्तर पर ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर में से एक है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में लगभग 23 लाख महिलाओं में इस बीमारी की पुष्टि हुई थी। विकासशील और विकसित देशों में सर्वाइवल रेट में काफी अंतर देखा जाता है, जिसका सबसे बड़ा कारण सही समय पर जांच और इलाज तक समान पहुंच का न होना है। स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सी सतर्कता और जागरूकता किसी की भी जान बचा सकती है।
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