Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में शुक्रवार (22 मई) की सुबह एक बेहद अनोखा और प्रेरणादयी नजारा देखने को मिला। देश में बढ़ते ईंधन संकट (Fuel Crisis) के प्रति लोगों को जागरूक करने और पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection) का संदेश देने के लिए Lucknow जिला अदालत के करीब 70 न्यायिक अधिकारी और जिला जज गाड़ियों का काफिला छोड़कर साइकिल से अदालत पहुंचे।
न्यायपालिका के इतिहास में इस तरह का यह पहला और अभूतपूर्व अभियान है। जिला जज मलखान सिंह के नेतृत्व में शुरू हुए इस अनूठे जागरूकता अभियान को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस राजेश चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
डालीबाग से अदालत तक का सफर: सुबह 9 बजे निकले जज
ईंधन बचाने की इस मुहिम को लेकर सभी जजों में खासा उत्साह देखा गया:
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एकजुटता: शुक्रवार सुबह Lucknow के डालीबाग इलाके में स्थित जिला जज मलखान सिंह के सरकारी आवास पर सभी न्यायिक अधिकारी एकत्र हुए।
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साइकिल यात्रा: सुबह ठीक 9:00 बजे जिला जज के नेतृत्व में सभी जजों ने अपनी साइकिलों के पैडल घुमाए और कतारबद्ध होकर कोर्ट परिसर के लिए निकल पड़े। रास्ते में जो भी नागरिक इस नजारे को देख रहा था, वह जजों के इस सादगी भरे और गंभीर संदेश की सराहना कर रहा था।
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सकारात्मक पहल: अभियान को हरी झंडी दिखाने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस राजेश चौहान ने इसे समाज के लिए एक बेहद सकारात्मक और जरूरी कदम बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और ईंधन बचाने के लिए समाज में ऐसी जागरूकता फैलाना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है।
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जिन्हें साइकिल चलानी नहीं आती थी, वे ई-रिक्शा से पहुंचे
इस अभियान की सबसे खूबसूरत तस्वीर तब सामने आई जब सामूहिक सहभागिता की बात उठी:
सद्भावना की मिसाल: अदालत के जिन न्यायिक अधिकारियों (जजों) को साइकिल चलाना नहीं आता था, वे इस अभियान से पीछे नहीं छूटे। मुहिम का समर्थन करने के लिए वे ई-रिक्शा में बैठकर कोर्ट पहुंचे। जजों के इस जज्बे को देखकर कोर्ट के कई वरिष्ठ और युवा वकील (Lawyers) भी इस मुहिम में शामिल हो गए और वे भी साइकिल या ई-रिक्शा के जरिए ही अदालत पहुंचे।
पीएम नरेंद्र मोदी की अपील से मिली प्रेरणा; आगे भी जारी रहेगा अभियान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने इस कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर देशवासियों से की जाने वाली ईंधन बचत (Fuel Conservation) और पर्यावरण सुरक्षा की अपील से प्रेरित है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों ने आम जनता को दैनिक जीवन में परिवहन के वैकल्पिक साधनों (जैसे साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट) को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। यह अभियान केवल एक दिन के लिए सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में भी इसे अलग-अलग रूपों में लगातार जारी रखा जाएगा।







