Kanwar Yatra : सावन के पवित्र महीने में चारों तरफ बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। हरिद्वार से लेकर दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे तक पूरा रास्ता शिवभक्तों से सराबोर है। इस बीच मुजफ्फरनगर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने न सिर्फ लोगों का ध्यान खींचा बल्कि हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। यहां एक ऐसी अनोखी कांवड़ पहुंची है, जिसमें आस्था और देशभक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
221 फीट लंबी और 11 फीट ऊंची है यह विशाल तिरंगा कांवड़
दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर जैसे ही यह विशाल कांवड़ पहुंची, राह चलते लोगों के कदम वहीं थम गए। 221 फीट लंबी और 11 फीट ऊंची यह कांवड़ पूरी तरह से हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के रंग में सजी हुई है। इस कांवड़ को देखते ही लोग अपने मोबाइल से वीडियो और तस्वीरें बनाने लगे। पूरी सड़क ‘हर-हर महादेव’ के साथ-साथ ‘भारत माता की जय’ के जयकारों से गूंज उठी।
बागपत के 21 शिवभक्तों का संकल्प और 190 किलोमीटर की यात्रा
इस अनोखी कांवड़ को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के ग्राम कुरड़ी रहने वाले 21 शिवभक्त मिलकर ले जा रहे हैं। इस टोली ने 2 अगस्त को हरिद्वार की पवित्र हर की पौड़ी से गंगाजल उठाया था। रोजाना 20 से 22 किलोमीटर पैदल चलते हुए ये शिवभक्त लगभग 190 किलोमीटर का सफर तय कर 11 अगस्त को अपने गांव पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे।
कांवड़ टोली के सदस्य हरेंद्र कुमार बताते हैं कि यह तिरंगा कांवड़ देश के अमर शहीदों को समर्पित है। उनका कहना है कि तिरंगा सिर्फ एक ध्वज नहीं बल्कि देश की आन, बान और शान है। इस पहली तिरंगा यात्रा का मुख्य उद्देश्य आज के युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाना है और यह संदेश देना है कि देश के प्रति सम्मान और समर्पण हर नागरिक का सबसे पहला कर्तव्य है।
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