Kanwar Yatra 2026: उत्तर प्रदेश में सावन के महीने के साथ ही कांवड़ यात्रा का उत्साह अपने चरम पर पहुंच चुका है। प्रदेश की सड़कों पर लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में खुद पहुंचकर कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की और उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
सीएम योगी के इस भव्य स्वागत से कांवड़ियों में एक अलग ही ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।
Kanwar Yatra 2026: Meerut में CM Yogi ने किया भव्य स्वागत
मेरठ के मोदीपुरम क्षेत्र में दुल्हेड़ा पुलिस चौकी के पास एक विशेष मंच बनाया गया था। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी मंच से गुजर रहे शिवभक्तों पर फूलों की बारिश की। उनके साथ रामानंद सागर के मशहूर धारावाहिक ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने वाले और मेरठ से भाजपा सांसद अरुण गोविल भी मौजूद रहे। इसके अलावा यूपी सरकार में मंत्री सोमेंद्र तोमर सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी कांवड़ियों का स्वागत किया।
CM Yogi ने कहा कि इस यात्रा के दौरान करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अलग-अलग शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि यह यात्रा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आपसी सौहार्द लेकर आए।
शिवभक्तों की सुविधा के लिए किए गए कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया, जो रात-दिन कांवड़ियों की सेवा में लगे हुए हैं। यात्रा मार्ग पर मेडिकल कैंप, पीने के पानी और विश्राम स्थलों की बेहतरीन व्यवस्था की गई है।
सीएम योगी ने यह भी बताया कि इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर और बागपत समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यातायात प्रबंधन और कांवड़ियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा कांवड़ मार्गों पर हेलीकॉप्टर से भी पुष्प वर्षा की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहे।
राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की प्रतीक
कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह जात-पात, क्षेत्र और भाषा की दीवारों को तोड़कर पूरे देश को एक सूत्र में पिरोती है। इसमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से आए लाखों श्रद्धालु एक साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं।
यह समर्पण और श्रद्धा की एक अनोखी मिसाल है, जहां हर भक्त केवल शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आता है। सरकार का प्रयास है कि हर साल इस यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाया जाए।







