केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने 10 नई अमृत फार्मेसियों का किया शुभारंभ, सस्ती दवाओं से लाखों मरीजों को मिलेगी राहत

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भारत सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और सस्ती बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उसी दिशा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में 10 नई अमृत फार्मेसियों का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य सस्ती और गुणवत्ता वाली दवाओं को हर नागरिक तक पहुंचाना है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक। अमृत फार्मेसी नेटवर्क ने दवाओं को कम कीमतों पर उपलब्ध कराकर लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में राहत दी है।

अमृत नेटवर्क के एक दशक की सफलता

अमृत फार्मेसियां 2015 में शुरू की गई थीं और आज यह नेटवर्क देशभर में फैल चुका है। शुरुआत में केवल कुछ चुनिंदा स्थानों पर शुरू हुई अमृत फार्मेसी अब 24 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में फैली हुई है, और वर्तमान में 255 से अधिक आउटलेट्स संचालित हो रहे हैं। इन फार्मेसियों पर जीवन रक्षक दवाएं और अन्य आवश्यक दवाएं 50% तक कम कीमत पर उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को भारी बचत हो रही है।

अमृत फार्मेसियों की विशेषताएं

अमृत फार्मेसियां अपने कम दामों और उच्च गुणवत्ता के कारण विशेष रूप से चर्चा में हैं। इन फार्मेसियों में 6,500 से अधिक दवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और एंडोक्राइनोलॉजी जैसी प्रमुख चिकित्सा श्रेणियों की दवाएं शामिल हैं। इन दवाओं पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से 50% तक की छूट मिलती है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अधिक सुलभ हो पाती है।

10 नए अमृत फार्मेसी केंद्र

10वीं वर्षगांठ के अवसर पर, जेपी नड्डा ने देशभर में 10 नई अमृत फार्मेसियों का शुभारंभ किया। ये नई फार्मेसियां प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में स्थापित की गई हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • चंडीगढ़ स्थित पीजीआई न्यूरोसाइंस सेंटर

  • जम्मू स्थित जीएमसीएच यूनिट-II

  • जम्मू स्थित राज्य कैंसर संस्थान

  • एम्स देवगढ़

  • श्रीनगर स्थित दंत चिकित्सालय

  • त्रिवेंद्रम स्थित एससीटीआईएमएसटी

  • मुंबई पोर्ट ट्रस्ट

  • आईआईटी जोधपुर

  • एम्स गोरखपुर

  • एम्स कल्याणी यूनिट 3

इन नए केंद्रों के शुरू होने से मरीजों को सस्ती दवाओं की पहुंच और अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।

मरीजों के लिए बड़ी बचत

अमृत फार्मेसियों ने न केवल दवाओं को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया है, बल्कि उन्होंने लाखों मरीजों को आर्थिक रूप से भी राहत दी है। अब तक, इन फार्मेसियों के माध्यम से 6.85 करोड़ से अधिक मरीजों को लाभ हुआ है। अमृत फार्मेसियों ने 17,000 करोड़ रुपये से अधिक की दवाओं की आपूर्ति की है, जिससे मरीजों ने लगभग 8,500 करोड़ रुपये की बचत की है।

स्वास्थ्य सेवा का लक्ष्य

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार की इस पहल को महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि यह स्वास्थ्य सेवाओं को सभी के लिए सुलभ और सस्ती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने आगे कहा कि अब सरकार का लक्ष्य यह है कि प्रत्येक मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में अमृत फार्मेसी स्थापित की जाए, ताकि देश के हर नागरिक तक सस्ती और गुणवत्ता वाली दवाएं पहुंच सकें।

HL LifeCare का योगदान

अमृत फार्मेसियां एचएल लाइफकेयर लिमिटेड (HL LifeCare Limited ) द्वारा संचालित की जाती हैं, जो एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है और स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत काम करता है। एचएल लाइफकेयर ने भारत में दवाओं और चिकित्सा उत्पादों की सस्ती आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस नेटवर्क के संचालन के लिए एक उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म, अमृत आईटी – इको ग्रीन वर्जन 2.0 का भी शुभारंभ किया गया है, जो संचालन में पारदर्शिता और गति लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

मोबाइल फार्मेसी वैन की शुरुआत

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए मोबाइल फार्मेसी वैन की शुरुआत कर रही है। ये वैन दूरदराज के इलाकों में जाएंगी और वहां रहने वाले लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराएंगी। इसके अलावा, एक 24×7 राष्ट्रीय संपर्क केंद्र की शुरुआत भी की जाएगी, जो नागरिकों को दवाओं की उपलब्धता, कीमत और नजदीकी अमृत आउटलेट के बारे में जानकारी प्रदान करेगा।

यह भी पढ़े – PM Modi ने गुजरात में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर ‘जनजातीय गौरव दिवस’ कार्यक्रम को संबोधित किया

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