Japan Defence Minister India Visit : हिंद-प्रशांत में रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने पर भारत-जापान की नजर | DD News UP

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Japan Defence Minister India Visit : भारत और जापान के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए 20 अगस्त को नई दिल्ली में अहम बैठक होने जा रही है। जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी भारत दौरे पर हैं और इस दौरान वह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी उनकी मुलाकात होनी है।

यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लगातार बढ़ा रहे हैं।

राजनाथ सिंह और शिंजिरो कोइजुमी की बैठक

शिंजिरो कोइजुमी के कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे आर्मी पैवेलियन में पुष्पांजलि अर्पित करने से होगी। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। सुबह 11:30 बजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापानी रक्षा मंत्री के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को अगले स्तर तक ले जाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। दोपहर 2 बजे जापानी रक्षा मंत्री के लिए लंच का कार्यक्रम है। इसके बाद शाम 5 बजे उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम मुलाकात होगी।

रक्षा सहयोग में इन मुद्दों पर होगी चर्चा

बैठक में समुद्री सुरक्षा दोनों देशों के लिए प्रमुख मुद्दों में से एक हो सकती है। इसके अलावा रक्षा उपकरणों और तकनीक में साझेदारी बढ़ाने पर भी बातचीत होगी। जापान की ओर से रक्षा उपकरण और तकनीक के ट्रांसफर से जुड़े नियमों में बदलाव के बाद सहयोग की नई संभावनाएं खुली हैं। ऐसे में दोनों देश मेक इन इंडिया के तहत रक्षा उत्पादन और तकनीकी साझेदारी को आगे बढ़ाने के रास्ते तलाश सकते हैं।

बैठक में भविष्य के रक्षा और सुरक्षा सहयोग के लिए एक रोडमैप तैयार करने पर भी चर्चा हो सकती है।

भारतीय नौसेना की ताकत देख चुके हैं जापानी रक्षा मंत्री

भारत दौरे के दौरान शिंजिरो कोइजुमी ने 19 अगस्त को मुंबई स्थित वेस्टर्न नेवल कमांड का दौरा किया। वहां उन्होंने नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन और वेस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वत्सायन से मुलाकात की। उन्हें भारतीय नौसेना की जिम्मेदारियों और ऑपरेशनल क्षमताओं के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और नेवल डॉकयार्ड में गौरव स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित की। जापानी रक्षा मंत्री ने स्वदेशी युद्धपोत INS Chennai का भी दौरा किया। यह दौरा भारत की बढ़ती नौसैनिक क्षमता और स्वदेशी रक्षा निर्माण को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।

हिंद-प्रशांत में बढ़ती साझेदारी

भारत और जापान एक ऐसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की कल्पना करते हैं, जो मुक्त, खुला, सुरक्षित, लचीला और समृद्ध हो। दोनों देशों के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग इसी साझा सोच का हिस्सा है। रक्षा क्षेत्र में साझेदारी के अलावा समुद्री सुरक्षा, तकनीक और सैन्य सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के रिश्ते लगातार आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में जापानी रक्षा मंत्री का भारत दौरा रणनीतिक नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है।

यह दौरा जापानी प्रधानमंत्री सना तकेइची की हालिया भारत यात्रा के कुछ सप्ताह बाद हो रहा है। उस दौरान भारत और जापान के शीर्ष नेतृत्व के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी थी। अब शिंजिरो कोइजुमी और राजनाथ सिंह की बैठक से इन सहमतियों को जमीन पर आगे बढ़ाने की उम्मीद है। खासकर रक्षा तकनीक और उत्पादन के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच नए सहयोग की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

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