Kashi Tamil Sangamam 4.0 में IRCTC की महत्वपूर्ण भूमिका: दक्षिण भारत के अतिथियों के लिए यात्रा सुविधाएं

Kashi Tamil Sangamam 4.0

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Kashi Tamil Sangamam 4.0 में दक्षिण भारत से अतिथियों के आने का सिलसिला जारी है। आईआरसीटीसी की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। यह सेवा न केवल यात्रियों को काशी, प्रयागराज और अयोध्या के भ्रमण का अवसर प्रदान करती है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को भी सम्मानित करती है। वाराणसी में 2 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलने वाले काशी तमिल संगमम् 4.0 में दक्षिण भारत से अतिथियों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। कुल सात दलों का काशी आगमन होना है, जिसमें छह दल काशी पहुंच भी चुके हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में आईआरसीटीसी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा रहा है। आईआरसीटीसी किस तरह से आने वाले अतिथियों को सुविधा मुहैया करा रहा है आइए जानते हैं..

Kashi Tamil Sangamam 4.0 में IRCTC की महत्वपूर्ण भूमिका

IRCTC अपने 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम से यात्रियों को सुविधा मुहैया करा रहा है
– चेन्नई से IRCTC के साउथ जोंन के द्वारा यात्रियों को भेजा जा रहा है
– बनारस स्टेशन पर IRCTC नार्थ जोन लखनऊ द्वारा उन्हें रिसीव किया जा रहा है
– पिछले चार वर्षों से IRCTC काशी तमिल संगमम् को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है
– एक डेडिकेटेड टीम यात्रा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का प्रबंधन करती है
– यह टीम (पूर्व से निर्धारित योजनाओं के अनुसार) यात्रियों के खानपान, रुकने और यात्रा की सुविधाओं का ध्यान रखती है
– IRCTC द्वारा अतिथियों को काशी, प्रयागराज और अयोध्या का भ्रमण भी कराया जा रहा है

आईआरसीटीसी की यह सेवा न केवल यात्रियों के लिए एक विशेष धार्मिक यात्रा का अवसर प्रदान करती है, बल्कि यह भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को सम्मानित करने का एक तरीका भी है।

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