बेंगलुरु। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के उद्घाटन मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ रनों की ऐसी सुनामी लाई कि इतिहास रच दिया। 202 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए RCB ने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि 15.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर IPL इतिहास का सबसे तेज 200+ रन चेज करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इस जीत के सूत्रधार रहे दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली, जिनकी पारी की ‘धीमी शुरुआत’ को लेकर अब पूर्व हेड कोच संजय बांगर ने बड़ा खुलासा किया है।
कोहली की धीमी शुरुआत: मजबूरी नहीं, रणनीति थी
ESPNcricinfo के ‘टाइम आउट’ कार्यक्रम में बात करते हुए संजय बांगर ने बताया कि कोहली की शुरुआत में धीमी बल्लेबाजी दरअसल एक सोची-समझी रणनीति थी। जब देवदत्त पडिक्कल (26 गेंदों में 61 रन) दूसरे छोर से आग उगल रहे थे, तब कोहली ने खुद को एंकर की भूमिका में रखा।
बांगर ने समझाया, “अगर दूसरे बल्लेबाज अच्छा स्कोर कर रहे हैं, तो विराट को शुरुआत में आक्रामक होने की जरूरत नहीं है। उनमें अपनी मर्जी से स्ट्राइक रेट बढ़ाने और बाउंड्री लगाने की अद्भुत काबिलियत है। उन्होंने पडिक्कल को खुलकर खेलने का मौका दिया और खुद मैच को अंत तक ले जाने पर ध्यान केंद्रित किया।”
मैच का लेखा-जोखा: हैदराबाद ने खड़ा किया था पहाड़ जैसा स्कोर
मैच की शुरुआत में टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले में ही अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड और नीतीश रेड्डी के विकेट गिर गए थे। लेकिन इसके बाद ईशान किशन ने मोर्चा संभाला और 38 गेंदों में 80 रनों (8 चौके, 5 छक्के) की तूफानी पारी खेलकर टीम को संभाला। अंत में अंकित वर्मा की 18 गेंदों में 43 रनों की कैमियो पारी की बदौलत हैदराबाद ने 201/9 का मजबूत स्कोर बनाया।
बेंगलुरु की ओर से जैकब डफी और रोमारियो शेफर्ड ने 3-3 विकेट लेकर धारदार गेंदबाजी की।
बेंगलुरु का ‘पावर-पैक’ पलटवार
202 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB ने चौथे ओवर तक ही 51 रन बना लिए थे। देवदत्त पडिक्कल ने इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर आते ही गेंदबाजों की धज्जियां उड़ानी शुरू कर दीं। पडिक्कल और कोहली के बीच हुई 101 रनों की साझेदारी ने जीत की नींव रखी। पडिक्कल के आउट होने के बाद कप्तान रजत पाटीदार ने भी केवल 12 गेंदों में 31 रन कूटकर रन-रेट को गिरने नहीं दिया।
विराट का ‘फिनिशर’ अवतार
शुरुआत में 6 गेंदों में केवल 7 रन बनाने वाले कोहली ने आखिरी दौर में अपना गियर बदला। वह 33 गेंदों में 50 रन पर थे, लेकिन अगली 5 गेंदों में उन्होंने 19 रन बटोरकर अपनी पारी को 38 गेंदों में नाबाद 69 रनों (5 चौके, 5 छक्के) पर खत्म किया। बांगर के अनुसार, “विराट को मैच खत्म करने और जीत के पलों का गवाह बनने में मजा आता है। जब उन्हें लगता है कि मैच कंट्रोल में है, तो वह आखिर तक टिके रहने को अपनी आदत बना चुके हैं।”
ऐतिहासिक रिकॉर्ड की गूंज
मौजूदा चैंपियन RCB ने इस जीत के साथ ही अपना इरादा साफ कर दिया है। 202 रनों का लक्ष्य महज 15.4 ओवर में हासिल करना टी20 क्रिकेट में आक्रामकता की नई परिभाषा है। इस जीत ने बेंगलुरु के फैंस को झूमने का मौका दे दिया है और टूर्नामेंट के पहले ही मैच ने रोमांच के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।