International Tiger Day 2026 पर PM Modi का संदेश: दुनिया की 70% बाघ आबादी भारत में, प्रधानमंत्री ने जताया गर्व

International Tiger Day 2026

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International Tiger Day 2026: हर साल 29 जुलाई को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस (International Tiger Day) मनाया जाता है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से देश और दुनिया के सभी पर्यावरण व वन्यजीव प्रेमियों को बधाई दी है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लोगों के लिए यह बेहद गर्व की बात है कि दुनिया भर में मौजूद कुल बाघों की आबादी का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा हमारे देश के जंगलों में निवास करता है।

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत में बाघों की सुरक्षा और संरक्षण का यह अभियान केवल कागजी नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के साथ घुल-मिलकर रहने की हमारी सदियों पुरानी संस्कृति और सामूहिक जन-संकल्प का परिणाम है।

जमीनी नायकों और वैज्ञानिकों के समर्पण की सराहना

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में अग्रिम पंक्ति में तैनात वन कर्मियों, वैज्ञानिकों और पर्यावरण संरक्षणवादियों के अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रात-दिन जंगलों में रहकर वन्यजीवों की रखवाली करने वाले वनकर्मियों और आधुनिक तकनीकों के जरिए डेटा जुटाने वाले वैज्ञानिकों के बिना यह उपलब्धि पाना संभव नहीं था।

इसके साथ ही केंद्र सरकार ने विज्ञान-आधारित संरक्षण, स्थानीय समुदायों की सीधी भागीदारी और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है। सरकार का मुख्य जोर इस बात पर भी है कि जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और आदिवासियों को सशक्त बनाया जाए ताकि इंसान और जानवरों के बीच होने वाले टकराव को कम से कम किया जा सके।

2006 के बाद से दोगुनी से अधिक हुई बाघों की संख्या

अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत में बाघ संरक्षण की यह यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है। वर्ष 2006 के बाद से देश में वैज्ञानिक तरीके से की जाने वाली बाघ गणना में बाघों की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा दर्ज की गई है।

अखिल भारतीय बाघ अनुमान (2022) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कुल बाघों की संख्या बढ़कर 3,682 पहुंच चुकी है। इस बड़े पैमाने के सर्वेक्षण को पूरा करने के लिए 20 राज्यों के 6.41 लाख किलोमीटर से अधिक के वन क्षेत्र को पैदल कवर किया गया था, जिसमें आधुनिक तकनीक, कैमरा ट्रैपिंग और जीपीएस मैपिंग का इस्तेमाल हुआ।

Project tiger और NTCA का मजबूत ढांचा

भारत की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे दशकों की दूरदर्शी नीतियां और संस्थागत तंत्र काम कर रहा है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ देश की सबसे महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं में से एक है।

यह योजना बाघ-रेंज वाले राज्यों को वित्तीय और तकनीकी मदद प्रदान करती है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की साल 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोजेक्ट टाइगर के तहत 18 राज्यों में कुल 58 बाघ अभ्यारण्य (टाइगर रिजर्व) का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा चुका है। ये रिजर्व करीब 84,500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं, जो भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 2.56 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।

संरक्षण का यह मॉडल आज पूरी दुनिया के लिए एक सीख बन चुका है, जो दिखाता है कि इच्छाशक्ति और जनभागीदारी से किसी प्रजाति को विलुप्त होने से बचाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: Income Tax Return 2026: 31 जुलाई या 31 अगस्त? जानिए आपकी ITR की सही आखिरी तारीख

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