India-Australia Defence Ties: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय और रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने के लिए देश की राजधानी नई दिल्ली तैयार है। आगामी 1 जून को नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच दूसरी ‘भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्री वार्ता’ का आयोजन होने जा रहा है। इस बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स संयुक्त रूप से करेंगे। इस द्विपक्षीय वार्ता का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के बीच सामरिक सुरक्षा और रक्षा सहयोग के दायरे को और अधिक व्यापक व मजबूत बनाना है।
सैन्य तालमेल और रक्षा उत्पादन बढ़ाने पर रहेगा जोर
रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच अब तक के द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, साथ ही सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश भी की जाएगी। इस वार्ता के मुख्य बिंदुओं में दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) को बढ़ाना, रक्षा उद्योग की साझेदारी को बढ़ावा देना और हथियारों के सह-विकास (Co-development) व सह-उत्पादन (Co-production) के नए अवसरों पर विचार-विमर्श करना शामिल है। इसके अलावा, दोनों नेता साझा हित से जुड़े कई क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा घटनाक्रमों पर भी अपने विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता का साझा लक्ष्य
इस कूटनीतिक बैठक से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक विश्वास और गहरे होने की उम्मीद है, जो सीधे तौर पर हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। अधिकारियों का मानना है कि यह संवाद दोनों देशों को रक्षा और सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्तों की पहचान करने में मदद करेगा। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स की यह भारत यात्रा अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित हुई पहली रक्षा मंत्री वार्ता के बाद हो रही है, जो दोनों देशों के बीच ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) की बढ़ती गति और परिपक्वता को दर्शाती है।






