Germany Transit Visa: वैश्विक पटल पर भारत के बढ़ते प्रभाव के बीच जर्मनी सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए एक बेहद सुगम और बड़ी यात्रा सुविधा की घोषणा की है। इस नए और ऐतिहासिक निर्णय के तहत अब भारतीय नागरिकों को किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान जर्मनी के हवाई अड्डों पर केवल हवाई ट्रांजिट (एयरपोर्ट ट्रांजिट) के लिए किसी भी प्रकार के एयरपोर्ट ट्रांजिट वीज़ा की आवश्यकता नहीं होगी। यह नई और बेहद सुविधाजनक व्यवस्था आज यानी 3 जून 2026 से पूरी तरह से लागू कर दी गई है। भारत सरकार ने जर्मनी के इस कदम का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान जारी कर कहा कि जर्मनी का यह निर्णय दोनों देशों के बीच लगातार प्रगाढ़ होते द्विपक्षीय, रणनीतिक और आर्थिक संबंधों का एक जीवंत प्रतीक है, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों की साझेदारी को एक नया आयाम मिलेगा।
We welcome the operationalisation by Germany of the annoucement waiving requirement of transit visa for Indian nationals transiting through Germany, exclusively by air, with effect from June 03, 2026.
The announcement was made after discussions between Prime Minister…
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) June 2, 2026
पीएम मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की बातचीत का सुखद परिणाम
जर्मनी सरकार द्वारा भारतीय यात्रियों को दी गई वीज़ा नियमों में यह बड़ी छूट दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की दूरदर्शिता और बेहतर तालमेल का सुखद परिणाम है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने विशेष रूप से साझा किया कि यह महत्वपूर्ण और जन-हितैषी निर्णय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच हाल ही में हुई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बातचीत और गंभीर विमर्श के बाद लिया गया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से अंतरराष्ट्रीय हवाई रूटों पर यात्रा करने वाले हजारों भारतीय यात्रियों का सफर न केवल आर्थिक रूप से किफायती होगा, बल्कि वीज़ा आवेदन की लंबी और जटिल प्रक्रियाओं से भी उन्हें हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी, जिससे भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक ताकत का भी अहसास होता है।
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Germany Transit Visa: लोगों के बीच आपसी संपर्क और आवाजाही को मिलेगी रफ्तार
इस नीतिगत बदलाव का सबसे बड़ा लाभ भारत और जर्मनी के बीच ‘पीपुल-टू-पीपुल कॉन्टैक्ट’ यानी लोगों के बीच आपसी संपर्क और आवागमन को सुदृढ़ करने में मिलेगा। हवाई मार्ग से केवल ट्रांजिट करने वाले यात्रियों को वीज़ा से छूट मिलने के कारण अब दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, पर्यटन और पेशेवर कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों की संख्या में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीतिक कदम आने वाले दिनों में यूरोप और भारत के बीच नागरिक उड्डयन क्षेत्र के साथ-साथ आपसी आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी को और अधिक बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।
