Stock Market: शेयर बाजार में मंगलवार की शानदार तेजी के बाद बुधवार को एक बार फिर भयंकर दौर देखने को मिला है। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय बेंचमार्क सूचकांक BSE SENSEX और NSE NIFTY50 भारी गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बुधवार को NIFTY50 सूचकांक पिछले बंद के मुकाबले मामूली बढ़त के साथ 23,415.95 अंक पर खुला जरूर था, लेकिन बाजार खुलते ही इसने 200 अंकों से अधिक की बढ़त गंवा दी। वहीं दूसरी ओर, सेंसेक्स सूचकांक पिछले क्लोजिंग के मुकाबले 0.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,507.73 अंक पर खुला और देखते ही देखते शुरुआती सत्र में ही 600 अंकों से ज्यादा टूट गया। सुबह 9:36 बजे के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, NIFTY50 करीब 0.89 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,273.50 के स्तर पर और सेंसेक्स 1.07 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 73,843 अंक पर कारोबार करता देखा गया, जिससे निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है।
IT दिग्गजों में मुनाफ़ावसूली का भारी दबाव
बाजार को आज सबसे ज्यादा नुकसान IT सेक्टर के दिग्गज शेयरों ने पहुंचाया है। अमेरिकी बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बनी तेजी के दम पर मंगलवार को भारतीय IT शेयरों ने जो बड़ी छलांग लगाई थी, बुधवार को उसी सेक्टर में निवेशकों ने जमकर प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफ़ावसूली) की। NIFTY50 इंडेक्स पर आज सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) सबसे आगे रहा, जिसके शेयर में शुरुआती कारोबार में ही 6.6 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा टेक महिंद्रा 4.6 प्रतिशत, इंफोसिस 3.7 प्रतिशत और एचसीएल टेक (HCL Tech) 3.2 प्रतिशत की कमजोरी के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इन भारी-भरकम IT स्टॉक्स के अलावा आईटीसी (ITC) में 2.5 प्रतिशत और श्रीराम फाइनेंस में 1.6 प्रतिशत की गिरावट ने बाजार के सेंटिमेंट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया।
अमेरिका-इरान के बीच सैन्य टकराव और $96 के पार कच्चे तेल ने पैदा किया वैश्विक संकट
बाजार में आई इस अचानक गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया (West Asia) से आ रही अशांति की खबरें मुख्य वजह बनकर उभरी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के हवाले से आई खबरों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के बावजूद अमेरिकी रक्षा बलों ने ईरान के ‘केशम द्वीप’ (Qeshm Island) पर एक और सैन्य हमला किया है। इसके जवाब में ईरान द्वारा दागी गईं कई बैलिस्टिक मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीन के एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। इस सैन्य टकराव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं और यह $96 प्रति बैरल के बेहद उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जिसने भारतीय बाजार पर दबाव को दोगुना कर दिया है।
Stock Market: विदेशी निवेशकों (FIIs) की ताबड़तोड़ बिकवाली जारी
वैश्विक स्तर पर छाए इस अनिश्चितता के माहौल के बीच भारतीय बाजारों से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की रिकॉर्ड निकासी जारी है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने जून के शुरुआती दो दिनों के भीतर ही भारतीय एक्सचेंजों से कुल 24,109 करोड़ रुपये की संपत्ति बेचकर बाहर निकाल ली है, जिसमें अकेले मंगलवार के सत्र में 8,362.92 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली शामिल थी। इस चौतरफा गिरावट के बीच बाजार को संभालने का प्रयास कुछ चुनिंदा सरकारी और ऑटोमोबाइल शेयरों ने किया। शुरुआती कारोबार में ओएनजीसी (ONGC) 1.3 प्रतिशत और अपोलो हॉस्पिटल्स 1.3 प्रतिशत की मजबूती के साथ टॉप गेनर्स की सूची में रहे, जबकि बजाज ऑटो में 1.2 प्रतिशत और देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर में 0.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा नेस्ले इंडिया और टाटा कंज्यूमर भी आधा प्रतिशत की तेजी के साथ बाजार को सहारा देने की कोशिशों में जुटे दिखे।
