- एयरपोर्ट से एक्सप्रेसवे तक बदली यातायात व्यवस्था
- भारी और सामान्य वाहनों के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित
Ganga Expressway: नरेन्द्र मोदी बुधवार को हरदोई में देश के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट Ganga Expressway का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर उनके कार्यक्रम को लेकर लखनऊ और आसपास के जिलों में व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है।प्रधानमंत्री का विमान लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट (बाबतपुर) से उड़ान भरकर चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट (अमौसी) पहुंचेगा। यहां से वे हेलिकॉप्टर के जरिए हरदोई जाएंगे। कार्यक्रम के बाद वापसी में भी उनका रूट लखनऊ होकर नई दिल्ली का रहेगा। सुरक्षा और आवागमन को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कई प्रमुख मार्गों पर यातायात में बदलाव किया है।
भारी वाहनों के लिए विशेष डायवर्जन
एयरपोर्ट वीआईपी मोड़ से भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहन अमौसी कमर्शियल मोड़ से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करेंगे। लखनऊ से हरदोई होते हुए शाहजहांपुर और बरेली जाने वाले भारी वाहन आगरा एक्सप्रेसवे की ओर नहीं जा सकेंगे। उन्हें किसान पथ के जरिए सीतापुर मार्ग से भेजा जाएगा। वहीं, कानपुर और उन्नाव की ओर जाने वाले भारी वाहनों को भी किसान पथ और एनएच-27 मार्ग का उपयोग करना होगा। तिकोनिया तिराहा से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की ओर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा।

सामान्य वाहनों के लिए भी बदले रूट
शहीद पथ से अमौसी एयरपोर्ट की ओर सामान्य वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। यात्रियों को बिजनौर अंडरपास और किसान पथ का सहारा लेना होगा। कानपुर से आने वाले वाहनों के लिए नटकुर और अनूप खेड़ा अंडरपास के जरिए शहीद पथ का मार्ग निर्धारित किया गया है। स्कूटर इंडिया से एयरपोर्ट जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना होगा।
एयरपोर्ट क्षेत्र में कड़ी पाबंदियां
सरोजनीनगर से नादरगंज होते हुए एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। अनवरा फ्लाईओवर और बल्दीखेड़ा के रास्ते वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, कमता तिराहा, पराग बूथ, कृष्णा नगर, आलमबाग और लोकबंधु अस्पताल के आसपास भी कई मार्गों पर आवाजाही सीमित या प्रतिबंधित की गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।







