FSSAI: अगर आप भी बाजार से मिठाई, केक या कोई दूसरा फूड पार्सल लाते हैं और उस पर स्टेपल पिन या धातु के तार लगे देखते हैं, तो अब ऐसा नहीं होगा। खाद्य नियामक एफएसएसएआई (FSSAI) ने शुक्रवार को एक बड़ा और जरूरी कदम उठाया है। नियामक ने देश के सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) को तुरंत प्रभाव से खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग के लिए धातु के पिन और तारों का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया है। ऐसा न करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अनजाने में हो सकता है बड़ा हादसा
भारत के खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने जन स्वास्थ्य के हित में एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। नियामक के संज्ञान में आया है कि कई दुकानदार और बेकरी वाले सजावटी केक, मिठाई के डिब्बे, स्नैक पाउच और टेकअवे फूड पार्सल को बंद करने के लिए धड़ल्ले से स्टेपल पिन या लोहे के छोटे तारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई बार ये पिन अनजाने में खाने के सामान के अंदर गिर जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं के शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोट लगने का खतरा बना रहता है।

सख्त कार्रवाई की चेतावनी
FSSAI ने इसे एक गंभीर खाद्य सुरक्षा खतरा माना है। प्राधिकरण ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई भी खाद्य व्यवसायी इस गाइडलाइन का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006’ के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी दुकानदारों को सलाह दी गई है कि वे पैकेजिंग के लिए सुरक्षित और वैकल्पिक तरीकों का इस्तेमाल करें।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य आम जनता की सेहत की सुरक्षा करना है। खाने-पीने की चीजों में धातु के पिन जैसी लापरवाही किसी की जान पर भी भारी पड़ सकती है। इसलिए, अगली बार जब आप बाहर से कोई पार्सल लें, तो खुद भी इस बात का ध्यान रखें और सुरक्षित खान-पान के प्रति जागरूक रहें।
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