DRDO Ballistic Missile Test: भारत ने रचा इतिहास, 24 घंटे में दागीं 3 मिसाइलें; अब दुश्मन की खैर नहीं । DD News UP

DRDO Ballistic Missile Test

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DRDO Ballistic Missile Test: भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने रक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारत अब दुनिया के उन गिने-चुने देशों के खास 'एलीट क्लब' में शामिल हो गया है, जिनके पास लंबी दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को हवा में ही ढेर करने की अचूक ताकत है। भारत ने महज 24 घंटे के भीतर लगातार तीन मिसाइलों के सफल उड़ान परीक्षण करके पूरी दुनिया को अपनी ताकत का अहसास करा दिया है। इस DRDO Ballistic Missile Test में बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) के साथ-साथ एंटी-शिप मिसाइल टेक्नोलॉजी का भी टेस्ट किया गया।

24 घंटे के भीतर 3 बड़े और सफल परीक्षण

DRDO के मुताबिक, इन परीक्षणों ने लंबी दूरी के मिसाइल खतरों से निपटने के लिए भारत के मल्टी-लेयर्ड डिफेंस आर्किटेक्चर (बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र) की ताकत को साबित किया है। टेस्ट के दौरान मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने अपने सामने आ रहे लक्ष्यों को हवा में ही ट्रैक किया और उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया। यह बड़ी सफलता भविष्य के आधुनिक हवाई खतरों से निपटने के लिए हमारे देश की सुरक्षा को पूरी तरह अभेद्य बनाती है।

DRDO Ballistic Missile Test

5000 किमी की रेंज और अचूक सुरक्षा कवच

DRDO Ballistic Missile Test, सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, DRDO ने दो ऐसे इंटरसेप्टर मिसाइलों का परीक्षण किया है, जो 2,000 किमी से लेकर 5,000 किमी की दूरी से आ रही दुश्मन की इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों (IRBMs) को रास्ते में ही रोकने में सक्षम हैं। ये इंटरसेप्टर ‘एक्सो-एटमॉस्फेरिक’ (वायुमंडल के बाहर) और ‘एंडो-एटमॉस्फेरिक’ (वायुमंडल के भीतर) दोनों ही तरह से वार कर सकते हैं। हालांकि, सरकार ने अभी सुरक्षा कारणों से इन इंटरसेप्टर्स के नाम उजागर नहीं किए हैं, लेकिन जल्द ही इन्हें सेना के ‘यूजर ट्रायल्स’ के लिए भेजा जाएगा।

एंटी-शिप मिसाइल से बढ़ी नौसेना की ताकत

इस बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम के अलावा, DRDO ने नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज (NASM-MR) का पहला उड़ान परीक्षण भी सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस टेस्ट ने समंदर में मध्यम दूरी पर मौजूद दुश्मन के ठिकानों पर अचूक मार करने की क्षमता को साबित किया है। इससे हमारी भारतीय नौसेना की समुद्री हमले की ताकत पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है।

यह कामयाबी इसलिए भी बड़ी है क्योंकि पड़ोसी देश पाकिस्तान लगातार मल्टीपल वॉरहेड वाली लंबी दूरी की मिसाइलें जैसे फतेह-I, फतेह-II और चीनी मूल की P282 मिसाइलें विकसित कर रहा है। भारत का यह नया सुरक्षा चक्र उनके हर मंसूबे का मुंहतोड़ जवाब है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऐतिहासिक सफलता पर रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के वैज्ञानिकों और सशस्त्र बलों को बधाई दी है, जिसने देश को सुरक्षा के मामले में एक कदम और आगे बढ़ा दिया है।

यह भी पढ़ें: Assam: Jorhat airbase पर वायुसेना का AN-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त

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