PM Modi का विदेश दौरा: G-7 सम्मेलन और France-Slovakia की ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना। DD News UP

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PM Modi France-Slovakia visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को फ्रांस और स्लोवाकिया के छह दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। वैश्विक राजनीति और भारत के कूटनीतिक रिश्तों के लिहाज से यह दौरा बेहद खास माना जा रहा है। अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी फ्रांस में आयोजित होने वाले तीन-दिवसीय G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। भारत के लिए गर्व की बात यह है कि एक साझीदार देश के रूप में भारत 13वीं बार इस प्रतिष्ठित बैठक में शामिल हो रहा है। इसके अलावा, स्लोवाकिया की आजादी के बाद यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला ऐतिहासिक दौरा है।

रक्षा और प्रौद्योगिकी पर रहेगा विशेष फोकस

आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, PM Modi इस यात्रा के दौरान फ्रांस और स्लोवाकिया के शीर्ष नेतृत्व के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ आमने-सामने विस्तृत चर्चा होगी।

इस बातचीत में रणनीतिक, आर्थिक, रक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार (इन्नोवेशन) जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। जानकारों की मानें तो इस दौरे पर फ्रांस की कंपनी के साथ होने वाली राफेल डील को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ सकती है, जिससे इस बड़े रक्षा सौदे को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।

G-7 सम्मेलन में कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के प्रमुख शहरों- नीस, एवियन और पेरिस का दौरा करेंगे। जी-7 शिखर सम्मेलन के मंच पर पीएम मोदी न केवल समूह के मुख्य सदस्य देशों के नेताओं से मिलेंगे, बल्कि अन्य साझीदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बार सम्मेलन में दक्षिण कोरिया, केन्या, ब्राजील और मिस्र जैसे देशों को भी विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है, जिनके नेताओं से पीएम मोदी की मुलाकात की संभावना है।

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France-Slovakia के साथ होंगे कई अहम समझौते

इस दौरे पर वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों, जैसे पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के मौजूदा हालात पर भी गंभीर विचार-विमर्श होगा। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र (UN) में सुधार और सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। फ्रांस के साथ स्टार्टअप्स, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर दस्तखत हो सकते हैं।

दूसरी तरफ, स्लोवाकिया के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करना भारत का मुख्य एजेंडा रहेगा। आपको बता दें कि स्लोवाकिया साल 1993 में एक स्वतंत्र देश बना था और तब से लेकर अब तक किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह वहां की पहली यात्रा है।

शेड्यूल के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी 13 से 14 जून तक फ्रांस के नीस शहर में रहेंगे। इसके बाद वह 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा पर रहेंगे और फिर वहां से पेरिस लौटेंगे। पीएम मोदी का यह छह दिनों का दौरा न केवल भारत की वैश्विक साख को मजबूत करेगा, बल्कि रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा।

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