Earthquake News : लद्दाख के लेह और आसपास के इलाकों में गुरुवार की सुबह तेज भूकंप के झटकों से अफरा-तफरी मच गई। सुबह-सुबह आए इन झटकों के कारण सोते हुए लोग भी दहशत में आ गए और अपनी जान बचाने के लिए आनन-फानन में घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर एकत्र हो गए। राहत की बात यह है कि प्राथमिक रिपोर्ट्स के अनुसार अभी तक किसी भी तरह के जान-माल या बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
सुबह 6:05 बजे दर्ज हुए झटके, 10 किमी गहराई में था केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, लेह में भूकंप गुरुवार सुबह 6 बजकर 05 मिनट पर आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.5 मापी गई। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह झटका जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। चूंकि यह एक कम गहराई वाला (शैलो) भूकंप था, इसलिए सतह पर कंपन काफी तेज महसूस हुआ और झटके का असर काफी दूर तक फैला। स्थानीय लोग आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटकों) की आशंका से सहमे हुए हैं।
क्यों खतरनाक माने जाते हैं 4.5 से ज्यादा तीव्रता के भूकंप
भूकंपीय विज्ञान के अनुसार, 2.0 या उससे कम तीव्रता वाले झटके अक्सर बेहद हल्के होते हैं और सामान्यतः लोगों को महसूस भी नहीं होते। हालांकि, जब तीव्रता 4.5 या उससे अधिक हो जाती है, तो यह इंसानों द्वारा स्पष्ट रूप से महसूस किए जाते हैं और इनसे कमजोर संरचनाओं या इमारतों को नुकसान पहुंच सकता है। लेह में आए 5.5 तीव्रता के भूकंप को भी मध्यम-तेज श्रेणी में रखा जाता है, जो घबराहट और नुकसान की वजह बन सकता है।
कोलंबिया में 7.4 की तीव्रता वाले भूकंप ने मचाई थी तबाही
7.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंपों को अत्यंत खतरनाक और विनाशकारी श्रेणी में गिना जाता है। इसका हालिया उदाहरण कोलंबिया में आया 7.4 तीव्रता का भूकंप है, जिसने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। कोलंबिया में बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं और सैकड़ों लोगों की जान चली गई। फिलहाल लेह में स्थिति नियंत्रण में है और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहकर पूरे क्षेत्र की निगरानी कर रहा है।
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