Deoria News: देवरिया में मानव तस्करी का भंडाफोड़! अवध एक्सप्रेस से 3 नाबालिग रेस्क्यू

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Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की मुस्तैदी से तीन मासूम बच्चों की जिंदगी बर्बाद होने से बच गई। पुलिस ने इस मामले में दो अंतरराष्ट्रीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो बच्चों को बहला-फुसलाकर कश्मीर ले जा रहे थे।

ट्रेन में स्कोर्ट ड्यूटी के दौरान पकड़ा गया गिरोह

यह पूरा मामला 16 और 17 अप्रैल की दरम्यानी रात का है। अवध आसाम एक्सप्रेस में आरपीएफ के हेड कांस्टेबल अखिलेश यादव और उनकी टीम स्कोर्ट ड्यूटी पर तैनात थी। जब ट्रेन बिहार के जिरादेई स्टेशन के पास पहुँची, तो जनरल कोच में बैठे दो पुरुषों के साथ तीन नाबालिग बच्चे संदिग्ध हालत में दिखाई दिए। बच्चों के चेहरे पर डर और पुरुषों का व्यवहार देखकर सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ और उन्होंने पूछताछ शुरू कर दी।

पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि उन्हें गुवाहाटी से दिल्ली के रास्ते कश्मीर ले जाया जा रहा है। पकड़े गए तस्करों की पहचान जाहीर हुसैन (बांग्लादेशी नागरिक) और सद्दाम हुसैन (म्यांमार निवासी) के रूप में हुई है। बच्चों ने बताया कि उन्हें वहां या तो मजदूरी के काम में लगाया जाना था या फिर उनकी जबरन शादी कराने की योजना थी।

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अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत लाए गए थे बच्चे

Deoria पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई कि ये बच्चे मूल रूप से म्यांमार के रहने वाले हैं, लेकिन वर्तमान में बांग्लादेश में रह रहे थे। तस्करों ने इन्हें अवैध तरीके से बांग्लादेश बॉर्डर पार कराया और भारत में दाखिल हुए। इनका मकसद इन बच्चों को कश्मीर के सुदूर इलाकों में ले जाकर बेचना या काम पर लगाना था। तस्करों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है कि वे मानव तस्करी के इस घिनौने कारोबार में शामिल हैं।

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बच्चों को भेजा गया सुरक्षित आश्रय गृह

Deoria के अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पकड़े गए दोनों तस्करों, सद्दाम और जाहिर को देवरिया जिला जेल भेज दिया गया है।

बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, नाबालिग लड़के को गोरखपुर के राजकीय बाल सुधार गृह में भेजा गया है। वहीं, दोनों नाबालिग लड़कियों को सुरक्षा और सही देखरेख के लिए बाराबंकी के बाल संप्रेक्षण नारी गृह में दाखिल कराया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हुए हैं।

रेलवे पुलिस की सतर्कता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर सही समय पर ध्यान दिया जाए, तो मासूमों को दरिंदगी का शिकार होने से बचाया जा सकता है। मानव तस्करी जैसे अपराधों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और सार्वजनिक परिवहन पर कड़ी निगरानी बेहद जरूरी है। उम्मीद है कि पुलिस इस नेटवर्क की गहराई तक पहुँचकर अन्य दोषियों को भी सजा दिलाएगी।

यह भी पढ़ें: Ghaziabad में बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

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