नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता नरेश बाल्यान को संगठित अपराध और गैंगस्टर सिंडिकेट मामले में फिलहाल कोई राहत मिलती नज़र नहीं आ रही है। दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सोमवार को बाल्यान की नियमित ज़मानत याचिका पर सुनवाई करने से खुद को अलग (Recuse) कर लिया है। अब इस गंभीर मामले की सुनवाई 23 अप्रैल को दूसरी बेंच के सामने होगी।
क्या है बाल्यान पर गंभीर आरोप?
नरेश बाल्यान पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बेहद सख्त कानून MCOCA के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि:
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बाल्यान कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू द्वारा चलाए जा रहे ‘संगठित अपराध सिंडिकेट’ का हिस्सा हैं।
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कपिल सांगवान फिलहाल फरार है और उसके यूनाइटेड किंगडम (UK) में छिपे होने की खबर है।
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पुलिस का आरोप है कि इस सिंडिकेट के जरिए रंगदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।
ट्रायल कोर्ट से पहले ही लग चुका है झटका
बता दें कि नरेश बाल्यान 4 दिसंबर 2024 से जेल में बंद हैं। उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा तब खटखटाया जब ट्रायल कोर्ट (स्पेशल MP-MLA कोर्ट) ने उनकी ज़मानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया था। कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था।
जेल में सुविधाओं के लिए लगानी पड़ रही है गुहार
बाल्यान की हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें जेल से अपने परिवार से बात करने तक के लिए कोर्ट के आदेशों का इंतजार करना पड़ रहा है।
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मंडोली जेल में बंद बाल्यान ने ‘ई-मुलाकात’ में तकनीकी दिक्कत का हवाला देकर फोन कॉल की अनुमति मांगी थी।
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स्पेशल जज विशाल गोगने ने उन्हें हफ्ते में दो बार सिर्फ 5-5 मिनट के लिए परिवार से फोन पर बात करने की अनुमति दी है।
बीजेपी का हमला: “गैंगस्टरों की यार, आम आदमी सरकार”
इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज है। बीजेपी लगातार आम आदमी पार्टी पर हमलावर है कि कट्टर ईमानदारी का दावा करने वाली पार्टी के नेता अब खतरनाक गैंगस्टरों के साथ सिंडिकेट चलाने के आरोप में जेल काट रहे हैं। कोर्ट में दिल्ली पुलिस की ओर से कड़ा विरोध यह साफ करता है कि बाल्यान के खिलाफ सबूत काफी मजबूत हैं।
अब सभी की नजरें 23 अप्रैल पर टिकी हैं, जब दूसरी बेंच इस मामले पर सुनवाई करेगी। क्या बाल्यान को जेल में ही रहना होगा या उन्हें कोई राहत मिलेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।







