Chamoli Valley Bridge Collapse : उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बहुत ही दुखद और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। सीमांत क्षेत्र जोशीमठ से करीब 37 किलोमीटर दूर लोंग (तमक) नामक जगह पर हाल ही में बना वैली ब्रिज नदी के भयानक उफान में बह गया है। पहाड़ों पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिसके तेज बहाव को यह पुल बर्दाश्त नहीं कर सका। इस हादसे के बाद नीती घाटी की ओर जाने वाला पूरा रास्ता बंद हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों और सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों की परेशानी बहुत बढ़ गई है।
उफनती नदी में बहा वैली ब्रिज
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से इस पूरे इलाके में लगातार तेज बारिश हो रही थी। सोमवार शाम करीब 5:30 बजे तमक नाले में अचानक पानी का जलस्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि नया बना वैली ब्रिज देखते ही देखते नदी में समा गया। इस पुल के ढहने के कारण नीती घाटी के 17 से ज्यादा सीमांत गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। अब इन गांवों तक राशन और जरूरी सामान पहुंचाना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।
बीआरओ का वाहन और चालक लापता
यह हादसा उस वक्त हुआ जब सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम मौके पर काम कर रही थी। नदी के अचानक आए प्रचंड उफान की चपेट में बीआरओ का एक डोजर और एक अन्य वाहन भी आ गए। इस घटना में वाहन का चालक नदी के तेज बहाव में बह गया, जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को मौके पर भेजा गया है और लापता चालक की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
राहत कार्य और वैकल्पिक मार्ग की तलाश
पुल टूटने से कट चुके 15 से 16 सीमांत गांवों तक मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन और बीआरओ की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द कोई वैकल्पिक रास्ता या अस्थाई पुल तैयार करने की कोशिश की जा रही है ताकि जरूरी सेवाओं की सप्लाई न रुके। इसके अलावा, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के साथ तालमेल बिठाकर यह पता लगाया जा रहा है कि दूसरी तरफ कितने पर्यटक या श्रद्धालु फंसे हुए हैं, ताकि उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।
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