करोड़ों की Cough Syrup तस्करी का भंडाफोड़: भदोही पुलिस ने वाराणसी के आरोपी को दबोचा

Cough Syrup

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। कोडीन युक्त Cough Syrup की बड़े पैमाने पर तस्करी करने वाले एक मुख्य आरोपी विजय गुप्ता, निवासी वाराणसी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी बिलिंग के जरिए बड़े पैमाने पर कोडीन कफ सिरप की तस्करी करता था। जांच में सामने आया कि उसने “राजेंद्र एंड संस” के माध्यम से करीब 3.57 करोड़ रुपये मूल्य की 2.44 लाख बोतलों का कागजी क्रय-विक्रय दिखाया, जबकि वास्तविक रूप से माल को डायवर्ट कर अवैध रूप से बेच दिया।

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साढ़े तीन करोड़ की दवाओं की हेराफेरी

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। वाराणसी निवासी विजय गुप्ता को 12 अप्रैल 2026 को मानिकपुर तिराहे से गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर आरोप है कि उसने फर्म ‘राजेंद्र एंड संस’ के जरिए करीब 2,44,000 Cough Syrup की बोतलों की खरीद-बिक्री की थी। बाजार में इन दवाओं की कीमत 3.5 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। इन सिरप को भौतिक रूप से फर्मों तक भेजने के बजाय, उन्हें डायवर्ट कर तस्करी के माध्यम से आर्थिक लाभ कमाया गया।

इस मामले की जानकारी औषधि निरीक्षक, आजमगढ़ ने 26 नवंबर 2025 को एक पत्र के माध्यम से दी थी। पत्र में बताया गया था कि आजमगढ़ स्थित फर्म मेसर्स शिव शक्ति इंटरप्राइजेज और मेसर्स मां शारदा फार्मा ने बड़ी मात्रा में फेन्सेडील कफ सिरप भदोही के मेसर्स दिलीप मेडिकल स्टोर को बेचा था।

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नशे के रूप में हो रहा था गलत इस्तेमाल

पुलिस का कहना है कि कोडीन युक्त Cough Syrup का इस्तेमाल अब इलाज के बजाय नशे के रूप में ज्यादा होने लगा है। तफ्तीश के दौरान यह बात खुलकर सामने आई कि ‘मेसर्स राजेंद्र एंड संस’ की मालकिन अंशिका गुप्ता ने एक सोची-समझी साजिश रची थी। उन्होंने भारी मात्रा में कोडीन वाली दवाएं दिलीप कुमार उमर की दुकानों (मेसर्स दिलीप मेडिकल स्टोर और मेसर्स आयुष इंटरप्राइजेज) को सप्लाई कर दीं। हैरानी की बात यह है कि दिलीप कुमार ने इन दवाओं के स्टॉक की कोई जांच-पड़ताल या वेरिफिकेशन तक नहीं किया।

हकीकत में इन दवाओं को मरीजों के इलाज के लिए नहीं, बल्कि नशे के तौर पर ऊंचे दामों पर बेचने के लिए बाजार में उतारा गया था। इस काले कारोबार को कानूनी नजरों से छिपाने के लिए जाली बिलों का सहारा लिया गया और बिना किसी डॉक्टर की सलाह के दवाओं की अवैध बिक्री की गई।

भदोही पुलिस की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो चंद पैसों के मुनाफे के लिए युवाओं को नशे की गर्त में धकेल रहे हैं। Cough Syrup जैसी दवाओं का दुरुपयोग समाज के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी के बाद तस्करी के इस बड़े नेटवर्क पर लगाम लगेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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