भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के कारण सप्लाई चेन को लेकर जो चिंताएं बनी हुई थीं, वे अब धीरे-धीरे कम होती दिख रही हैं। सरकार ने जानकारी दी है कि भारतीय ध्वज वाला जहाज Jag Vikram सुरक्षित रूप से अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है।
संकट के बीच बड़ी राहत
मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, Jag Vikram 11 अप्रैल को सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार कर चुका है। यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यह इलाका फिलहाल काफी संवेदनशील बना हुआ है। Jag Vikram पर लगभग 20,400 टन एलपीजी लदी हुई है, जो भारत की घरेलू जरूरतों के लिए बहुत जरूरी है। इस जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार हैं और सभी सुरक्षित हैं।
कांडला बंदरगाह पर तैयारी
उम्मीद जताई जा रही है कि Jag Vikram 14 अप्रैल यानी मंगलवार को गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुंच जाएगा। बंदरगाह अधिकारियों का कहना है कि वहां कामकाज बिल्कुल सामान्य है और Jag Vikram के आने पर कार्गो को उतारने में कोई देरी नहीं होगी। अच्छी बात यह है कि फिलहाल किसी भी भारतीय बंदरगाह पर भीड़भाड़ या कंजेशन जैसी कोई समस्या नहीं है।
संघर्ष-विराम का सकारात्मक असर
अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी संघर्ष-विराम के बाद Jag Vikram होर्मुज पार करने वाला पहला भारतीय जहाज बन गया है। मार्च की शुरुआत से देखा जाए, तो Jag Vikram फारस की खाड़ी से बाहर निकलने वाला भारत का नौवां जहाज है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का करीब 60 फीसदी हिस्सा आयात करता है, ऐसे में Jag Vikram का सुरक्षित आना हमारी एनर्जी सुरक्षा के लिए एक बड़ी जीत है।
Jag Vikram का कांडला पहुंचना न केवल गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए मुस्तैद है। नाविकों की सुरक्षा और समय पर डिलीवरी, दोनों ही मोर्चों पर यह एक सुखद अपडेट है।
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