Baba Baidyanath Dham Deoghar: सावन महीने की दूसरी सोमवारी पर बाबानगरी देवघर में चारों तरफ भक्ति और उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। तड़के से ही पूरा शहर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज रहा है। बिहार के सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर 108 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर कांवड़िए बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंच रहे हैं। कांवड़ियों की इस भारी भीड़ से देवघर की हर सड़क और कांवड़िया पथ केसरिया रंग में रंगा हुआ दिखाई दे रहा है।
तड़के खुला मंदिर का पट और शुरू हुई पूजा
सोमवार तड़के करीब 3:05 बजे बाबा मंदिर का पट खोला गया। पट खुलते ही सबसे पहले पुरोहित समाज द्वारा पारंपरिक रूप से कांचा जल पूजा की गई। करीब 15 मिनट तक चली इस पूजा में विश्व कल्याण की प्रार्थना की गई। इसके बाद महंत सरदार पंडा श्रीश्री गुलाब नंद ओझा ने विधि-विधान से दूध, दही, घी और मधु अर्पित कर बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा की। यह विशेष पूजन संपन्न होने के बाद सुबह 4:10 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए अरघा के माध्यम से जलार्पण की शुरुआत कर दी गई।
लंबी कतारें और श्रद्धालुओं का धैर्य
रविवार देर रात से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर जल चढ़ाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करने लगे थे। मुख्य अरघा से जल चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं की कतार मंदिर से लगभग 20 किलोमीटर दूर कुमैठा स्टेडियम तक पहुंच गई। वहीं बाह्य अरघा से जलार्पण करने के लिए भी करीब 70 से 80 हजार लोग कतार में लगे रहे। सुल्तानगंज से लंबी पैदल यात्रा और घंटों इंतजार के बाद श्रद्धालुओं के चेहरों पर थकान तो दिख रही थी, लेकिन बाबा के दर्शन की आस उनके कदमों को लगातार आगे बढ़ा रही थी।
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कड़े इंतजाम
स्थानीय प्रशासन के अनुमान के अनुसार, सावन की इस दूसरी सोमवारी पर लगभग साढ़े तीन से चार लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने की संभावना है। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे मंदिर परिसर और कांवड़िया पथ पर करीब 14 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पूरे इलाके में सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है। आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम भी सक्रिय है।
पैदल यात्रा की थकान के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। हर कोई बाबा के दर्शन और मनोकामना ज्योतिर्लिंग पर जल की बूंद अर्पित करने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से कतार में अपनी बारी का इंतजार कर रहा है।
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