Ayodhya में झूलनोत्सव की भव्य शुरुआत, रामलला के दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब। DD News Uttar Pradesh

Ayodhya

Share This Article

Sawan की रिमझिम बौछारों के बीच आस्‍था भी बरस रही है। भक्ति से सराबोर Ayodhya की हवाओं में आराध्‍य के प्रति समर्पण का रंग और चटख हाे गया है। सावन शुक्ल तृतीया के मौके पर अयोध्या में भगवान श्रीराम के झूलनोत्सव की भव्य शुरुआत हुई। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर से लेकर मणि पर्वत तक हर तरफ भक्ति, उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

Ayodhya स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में सावन शुक्ल तृतीया से झूलनोत्सव की नई परंपरा का शुभारंभ हो गया। पहली बार रामलला की उत्सव मूर्ति की भव्य पालकी यात्रा राम मंदिर से कुबेर टीला तक निकाली गई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मंगलध्वनि के बीच निकली इस यात्रा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अब तक राम मंदिर में सावन शुक्ल पंचमी से झूलन उत्सव मनाने की परंपरा थी, लेकिन इस वर्ष से इसका शुभारंभ सावन शुक्ल तृतीया से किया गया है। कुबेर टीला पर प्रथम झूलन के बाद 16 अगस्त से प्रतिदिन रामलला की उत्सव मूर्ति मंदिर के गर्भगृह में झूले पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देगी।

अयोध्या का झूलनोत्सव सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सदियों पुरानी उस परंपरा का हिस्सा है, जिसमें सावन आते ही भगवान को झूले पर विराजमान कर गीत, भजन और झूलन के पदों के जरिए उन्हें रिझाया जाता है… मान्यता है कि अयोध्या जितनी पुरातन है, उतनी ही पुरानी भगवान के झूलनोत्सव की परंपरा भी है। पद्म पुराण में भी झूलनोत्सव की महिमा का वर्णन मिलता है।

यह भी पढ़ें: Atal Bihari Vajpayee पुण्यतिथि: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर देश ने किया नमन, PM Modi और केंद्रीय मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This