Assam Wildlife Rescue : अनंत अंबानी के वंतारा फाउंडेशन (Hemant Vantara Foundation) ने असम की समृद्ध प्राकृतिक विरासत और वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल की है। फाउंडेशन ने असम वन विभाग को राज्य में अपने पूरे खर्च पर तीन अत्याधुनिक वन्यजीव बचाव और पुनर्वास केंद्र (Wildlife Rescue and Rehabilitation Centres) स्थापित करने का औपचारिक प्रस्ताव भेजा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और वन मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने इस जनहितैषी पहल का स्वागत करते हुए वंतारा फाउंडेशन की प्रतिबद्धता की सराहना की है।
एशियाई हाथियों के लिए बनेगा विशेष केंद्र और आधुनिक अस्पताल
वंतारा फाउंडेशन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार, प्रस्तावित तीन केंद्रों में से एक केंद्र विशेष रूप से एशियाई हाथियों के संरक्षण, देखभाल और उपचार के लिए समर्पित होगा। इन केंद्रों में विभिन्न वन्यजीव प्रजातियों के लिए विशेष आवास, आधुनिक सुविधाओं से लैस पशु अस्पताल, रोग जांच प्रयोगशालाएं और समर्पित पशु पोषण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य संकटग्रस्त और घायल वन्यजीवों को त्वरित इलाज और सुरक्षित पुनर्वास प्रदान करना है।
असम सरकार की निगरानी में होगा संचालन, बाद में राज्य को सौंपे जाएंगे केंद्र
फाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि तीनों केंद्रों के स्थान, आकार और तकनीकी सुविधाओं का अंतिम निर्धारण असम वन विभाग के परामर्श से किया जाएगा। ये सभी केंद्र पूरी तरह से राज्य सरकार और वन विभाग के मार्गदर्शन और देखरेख में संचालित होंगे। निर्माण कार्य और व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद वंतारा फाउंडेशन इन केंद्रों को बिना किसी शर्त के असम सरकार को सौंप देगा, जिससे राज्य की वन्यजीव प्रबंधन प्रणाली को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री और वन मंत्री ने जताई सकारात्मक प्रतिक्रिया
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रस्ताव की तकनीकी और व्यावहारिक संभावनाओं की गहनता से जांच करेगी। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा और राज्य की प्राकृतिक विरासत को समृद्ध करने वाले सभी प्रस्तावों पर सरकार प्राथमिकता से विचार करेगी। वहीं, राज्य के वन मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने कहा कि असम ऐसे विशेषज्ञ संस्थानों का स्वागत करता है और वन्यजीव संरक्षण के लिए भविष्य में भी मिलकर काम करने को तत्पर है।







