Agra बनेगा दुनिया की शू कैपिटल: भारत-न्यूजीलैंड बिजनेस मीट में हुआ बड़ा फैसला

Share This Article

Agra का नाम सुनते ही सबसे पहले ताज महल का ख्याल आता है, लेकिन इस शहर की एक और पहचान है जो इसे दुनिया भर में खास बनाती है—वो है यहाँ का जूता कारोबार। हाल ही में Agra में एक ऐसी बैठक हुई है जिसे आने वाले समय में शहर की किस्मत बदलने वाला माना जा रहा है। रविवार को ताज नगरी के होटल अमर विलास में ‘इंडिया-न्यूजीलैंड बिजनेस मीट’ का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य मकसद आगरा को सिर्फ भारत का ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का “शू कैपिटल” यानी जूते की राजधानी के रूप में स्थापित करना था।

इस कार्यक्रम में भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले समेत कई बड़े दिग्गजों ने हिस्सा लिया। इस पूरी चर्चा का केंद्र यह था कि कैसे आगरा के हुनर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई जाए और यहाँ के निर्यात को कई गुना बढ़ाया जाए।

Agra

Agra फुटवियर उद्योग की वैश्विक ताकत

Agra के बारे में एक खास बात जो शायद बहुत कम लोग जानते हैं, वो ये कि भारत से जितना भी लेदर फुटवियर निर्यात होता है, उसमें 75% से ज्यादा हिस्सेदारी अकेले आगरा की है। यहाँ 5,000 से ज्यादा छोटी-बड़ी एमएसएमई (MSME) इकाइयां काम कर रही हैं। यह उद्योग सीधे तौर पर और परोक्ष रूप से लगभग 4 से 5 लाख लोगों को रोजगार दे रहा है।

Agra के जूते आज भी यूरोप, अमेरिका, यूके और मिडिल ईस्ट जैसे बड़े बाजारों में अपनी धाक जमाए हुए हैं। बिजनेस मीट के दौरान यह बात साफ की गई कि आगरा अब केवल एक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनकर नहीं रहेगा, बल्कि यह दुनिया का एक बड़ा फुटवियर हब बनने की ओर कदम बढ़ा चुका है।

Agra

परंपरा और आधुनिक तकनीक का मेल

Agra के जूतों की सबसे बड़ी खासियत यहाँ की पीढ़ियों पुरानी कारीगरी है। यहाँ के कारीगरों के हाथ में जो हुनर है, वो दुनिया में कहीं और मिलना मुश्किल है। अब इस पारंपरिक हुनर को आधुनिक मशीनों के साथ जोड़ा जा रहा है। आज के समय में लागत के मामले में आगरा का फुटवियर उद्योग चीन और वियतनाम जैसे देशों को कड़ी टक्कर दे रहा है। यही वजह है कि दुनिया भर के बड़े ब्रांड्स अब आगरा की ओर देख रहे हैं।

बैठक में पीयूष गोयल ने भी इस बात पर जोर दिया कि सरकार इस सेक्टर को हर संभव नीतिगत मदद देगी ताकि ‘ब्रांड आगरा’ को ग्लोबल पहचान मिल सके।

Agra

इंडिया-न्यूजीलैंड बिजनेस मीट: सहयोग के नए रास्ते

इस बिजनेस मीट का एक बड़ा आकर्षण भारत और न्यूजीलैंड के बीच बढ़ता व्यापारिक सहयोग रहा। न्यूजीलैंड के मंत्री टॉड मेक क्ले ने कहा कि दोनों देशों के बीच कच्चे माल की सप्लाई, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग को लेकर बड़ी संभावनाएं हैं। आने वाले समय में दोनों देश मिलकर डिजाइन इनोवेशन पर काम करेंगे।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और अन्य व्यापारिक समझौतों के जरिए यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ सालों में आगरा से होने वाले निर्यात में 3 से 5 गुना की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे न केवल स्थानीय व्यापारियों को फायदा होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

Agra

बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से मिलेगी रफ्तार

किसी भी उद्योग को बड़ा बनाने के लिए अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर होना बहुत जरूरी है। Agra के लिए जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है। इसके साथ ही प्रस्तावित फुटवियर पार्क और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं में सुधार से माल को विदेशों तक भेजना और आसान हो जाएगा।

उद्योगपतियों ने सरकार के सामने कुछ मांगें भी रखी हैं, जैसे 2030 तक कंपोनेंट्स पर ड्यूटी खत्म करना और ब्याज में सब्सिडी देना। अगर ये मांगें पूरी होती हैं, तो आगरा के व्यापारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुकाबला करना और भी आसान हो जाएगा।

विश्व की जूता राजधानी बनने का सपना

अब आगरा को सिर्फ “ताज नगरी” नहीं, बल्कि “फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी” के रूप में प्रमोट किया जाएगा। इसके लिए जीआई (GI) टैग और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग कैंपेन का सहारा लिया जाएगा। सरकार और उद्योग जगत मिलकर बायर-सेलर मीट आयोजित करेंगे ताकि विदेशी खरीदार सीधे आगरा के कारीगरों से जुड़ सकें। एफडीडीआई (FDDI) के एमडी विवेक शर्मा ने बताया कि स्किल डेवलपमेंट यानी कौशल विकास इस उद्योग का भविष्य है। अगर हम अपने युवाओं को नई तकनीक और डिजाइनिंग की ट्रेनिंग देंगे, तो भारत दुनिया के किसी भी देश को पीछे छोड़ सकता है।

Agra के फुटवियर उद्योग के लिए यह एक नई शुरुआत है। इंडिया-न्यूजीलैंड बिजनेस मीट ने यह साफ कर दिया है कि अगर सही दिशा में मेहनत की जाए और सरकार का सहयोग मिले, तो आगरा को दुनिया की “जूता राजधानी” बनने से कोई नहीं रोक सकता। यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी। अब वो दिन दूर नहीं जब दुनिया के हर कोने में लोग ‘मेड इन आगरा’ के जूते पहनकर गर्व महसूस करेंगे।

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यहाँ के उन लाखों कारीगरों को होगा जिनकी मेहनत ने इस शहर को आज इस मुकाम पर पहुँचाया है। Agra का यह सफर अब स्थानीय गलियों से निकलकर वैश्विक मंच तक पहुँच गया है।

यह भी पढ़ें: UP में निवेश की नई उड़ान: सीएम योगी ने 17 कंपनियों को दिया ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This