AB PM-JAY: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केंद्र शासित प्रदेश दमन में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए 2,970 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए (NDA) सरकार में विकास का पहला पैमाना और एकमात्र बेंचमार्क देश के गरीबों, वंचितों, आदिवासी समुदायों और मध्यम वर्ग के जीवन में आने वाला सकारात्मक बदलाव है। सरकार की नीतियां सीधे तौर पर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाने के लिए तैयार की जा रही हैं।
AB PM-JAY और जन औषधि केंद्रों से बची भारी पूंजी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में आए ऐतिहासिक सुधारों का ब्योरा देते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ‘आयुष्मान भारत योजना’ (AB PM-JAY) और देश भर में संचालित ‘जन औषधि केंद्रों’ की बदौलत देश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को इलाज और दवाओं के खर्च में लगभग 2.25 लाख करोड़ रुपये की सीधी बचत हुई है। इलाज पर होने वाले इस भारी-भरकम खर्च में कमी आने से करोड़ों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज देश के सबसे गरीब नागरिक के पास भी आयुष्मान कार्ड की शक्ति है, जो उसे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार का भरोसा देती है।
देश के 60 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मिला बीमा कवच
विगत वर्षों में देश के भीतर बढ़ी स्वास्थ्य सुरक्षा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश के 30 प्रतिशत से भी कम परिवारों के पास किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध था। लेकिन आज आयुष्मान भारत कार्यक्रम ने स्वास्थ्य सेवाओं तक देश की जनता की पहुंच को पूरी तरह बदल दिया है, जिसके तहत देश के 60 प्रतिशत से अधिक परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य बीमा का सुरक्षा कवच मिल चुका है। केंद्र सरकार ने इस मेगा इंश्योरेंस योजना को धरातल पर और अधिक प्रभावी बनाने के लिए देश भर में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, जन औषधि केंद्रों और डिजिटल स्वास्थ्य पहलों (Digital Health Initiatives) का एक मजबूत और आधुनिक नेटवर्क खड़ा किया है।
संस्थागत प्रसव और बाल टीकाकरण का आंकड़ा 90 फीसदी के पार
प्रधानमंत्री ने देश के प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों (Health Indicators) में आए क्रांतिकारी सुधारों को भी जनता के सामने रखा। उन्होंने आंकड़ों के हवाले से बताया कि सरकारी प्रयासों और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के कारण देश में अब अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में होने वाले प्रसव (Institutional Deliveries) की संख्या कुल जन्मों के 90 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। इसके साथ ही, देश में बाल टीकाकरण का दायरा जो साल 2014 से पहले मात्र 60 प्रतिशत के आसपास अटका हुआ था, वह अब सघन अभियानों के माध्यम से बढ़कर लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इन सुधारों ने देश में मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
मातृ देखभाल सुधारों से महिलाओं को मिला सर्वाधिक लाभ
अपने संबोधन के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष रूप से स्थानीय क्षेत्र के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीउ में हाल के वर्षों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार किया गया है। सिलवासा और दमन में आधुनिक चिकित्सा कॉलेजों, स्नातकोत्तर (Postgraduate) पाठ्यक्रमों की शुरुआत और नमो (NAMO) अस्पतालों की स्थापना से अब इस पूरे क्षेत्र के निवासियों को अपने घर के पास ही विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने रेखांकित किया कि इन सभी स्वास्थ्य सुधारों, विशेषकर मातृ देखभाल, संस्थागत प्रसव और मुफ्त स्वास्थ्य बीमा का सबसे बड़ा और सीधा लाभ देश की महिलाओं और माताओं को मिला है, जिससे उनका जीवन अधिक सुरक्षित और गरिमापूर्ण बना है।
