UP Budget: उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना लगातार दसवीं बार राज्य का बजट सदन में रखेंगे। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट माना जा रहा है। अनुमान है कि इस बार बजट का कुल आकार 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
राज्य का बजट सत्र 9 फरवरी 2026 को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था। 10 फरवरी को दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। आज सुबह 11 बजे वित्त मंत्री विधानसभा में बजट भाषण देंगे।
बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सुबह 9 बजे सीएम आवास पर कैबिनेट बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में बजट प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।
कैबिनेट बैठक में यूपीसीडा से जुड़े प्रस्ताव, लखनऊ मेट्रो के निर्माण व संचालन, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की संपत्तियों के विकास और आवंटन पर निर्णय लिया जा सकता है। साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों और आयुष विभाग से संबंधित सीएजी रिपोर्ट को सदन में रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है।
वित्त मंत्री ने मंगलवार शाम विधानसभा स्थित अपने कक्ष में बजट दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि यह बजट जनता की अपेक्षाओं, प्रदेश के समग्र विकास और सुशासन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
करीब 9 लाख करोड़ रुपये के संभावित बजट में रोजगार सृजन, स्टार्टअप प्रोत्साहन और युवाओं के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा हो सकती है। महिलाओं के स्वरोजगार, सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं पर भी खास फोकस रहने की संभावना है।
सरकार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी कर सकती है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अनुदेशकों के वेतन वृद्धि और एरियर भुगतान के निर्देश दिए थे। प्रदेश में लगभग 25 हजार अनुदेशक और 1.43 लाख शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इसके लिए लगभग 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की चर्चा है।
इसके अतिरिक्त कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और मेट्रो विस्तार जैसे बुनियादी ढांचा विकास कार्यों के लिए भी बड़े आवंटन की उम्मीद जताई जा रही है।
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