PM Modi : आसमान में उड़ रहा एक विमान और अचानक कॉकपिट में ऐसा संकट, जहां कुछ ही सेकंड में सैकड़ों लोगों की जिंदगी खतरे में आ गई। ऐसे मुश्किल वक्त में भारतीय पायलट स्मित मछार ने जिस हिम्मत और सूझबूझ का परिचय दिया, उसकी चर्चा अब भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में हो रही है।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में गंभीर घटना हुई और कैप्टन स्मित मछार घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और ऐसी कार्रवाई की, जिससे यात्रियों और क्रू को स्थिति संभालने का मौका मिला।
फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में क्या हुआ?
रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लाइट के दौरान कैप्टन स्मित मछार और सह-पायलट के बीच कॉकपिट में गंभीर झड़प हुई। इसी दौरान सह-पायलट ने कैप्टन मछार पर धारदार हथियार से हमला किया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थिति इसलिए और ज्यादा गंभीर हो गई क्योंकि विमान हजारों फीट की ऊंचाई पर था। उपलब्ध फ्लाइट-ट्रैकिंग जानकारी के अनुसार, विमान कुछ ही समय में तेजी से नीचे आया। ऐसे हालात में पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती विमान और उसमें मौजूद लोगों की सुरक्षा थी।
भारतीय पायलट स्मित मछार ने कैसे दिखाई हिम्मत?
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार ने अपना हौसला नहीं टूटने दिया। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद केबिन क्रू और यात्रियों को अंदर पहुंचकर स्थिति को संभालने का मौका मिला।
यही कदम इस पूरी घटना में बेहद अहम साबित हुआ। इसके बाद हमलावर सह-पायलट को काबू किया गया और विमान को सुरक्षित तरीके से उतारने की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ी। इस घटना में कैप्टन मछार की सूझबूझ और समय पर लिए गए फैसले की काफी चर्चा हो रही है।
कैप्टन स्मित मछार से पीएम मोदी ने की बात
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मछार से फोन पर बात की और उनका हालचाल जाना। पीएम मोदी ने संकट के समय उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की। प्रधानमंत्री इससे पहले कैप्टन मछार के परिवार से भी बात कर चुके हैं और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया था। पीएम मोदी की ओर से कैप्टन मछार की बहादुरी की सार्वजनिक रूप से भी तारीफ की गई है।
हनुमान चालीसा का भी किया जिक्र
पीएम मोदी के साथ बातचीत के दौरान कैप्टन मछार ने अपनी मुश्किल घड़ी का जिक्र किया। रिपोर्टों में उनके हवाले से बताया गया कि जब उन्हें तकलीफ होती है तो वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और उस कठिन समय में भी उन्होंने ऐसा ही किया। उनकी इस बात से यह पता चलता है कि बेहद तनावपूर्ण परिस्थिति में भी उन्होंने खुद को संभालने की कोशिश की। संकट के बीच मानसिक रूप से मजबूत बने रहना उनके लिए बेहद जरूरी था।
पीएम मोदी को बताया अपना आदर्श
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मछार ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान भी जाहिर किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी उनके बड़े आदर्श हैं और उनकी ओर से फोन आने पर उन्हें गर्व महसूस हुआ। कैप्टन मछार ने यह भी बताया कि चोट लगने के बावजूद उन्होंने खुद को उठने और कुछ करने के लिए प्रेरित किया। यही जज्बा उस मुश्किल समय में उनके काम आया।
174 यात्रियों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चुनौती
इस पूरी घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि विमान में मौजूद 174 लोगों की सुरक्षा दांव पर थी। रिपोर्टों के मुताबिक इनमें बड़ी संख्या में इजरायली नागरिक भी शामिल थे। कैप्टन मछार के प्रयासों के बाद विमान को सुरक्षित रूप से उतारा गया और यात्रियों की जान बच सकी। इस घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई नेताओं ने भी भारतीय पायलट की बहादुरी की सराहना की।
कैप्टन स्मित मछार कौन हैं?
कैप्टन स्मित मछार फ्लाईदुबई में कैप्टन के तौर पर काम करते हैं। इससे पहले वह स्पाइसजेट से भी जुड़े रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार उनके पास बोइंग 737 विमान उड़ाने का लंबा अनुभव है और वह 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े थे। उनके अनुभव ने इस मुश्किल परिस्थिति में निश्चित रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की आधिकारिक जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
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