CM Yogi का भरोसा: देशभर में इन दिनों चीनी के दाम बढ़ने से आम लोगों की चिंता थोड़ी बढ़ गई है। त्योहारों के इस मौसम में रसोई का बजट न बिगड़े, इसे ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की जनता को राहत भरा संदेश दिया है।
प्रदेश में अगले 7 महीने की खपत का पर्याप्त प्रबंध
CM Yogi ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह का चीनी संकट नहीं है। उन्होंने बताया कि यूपी में चीनी का स्टॉक इतना पर्याप्त है कि इससे आने वाले सात महीनों की खपत आसानी से पूरी की जा सकती है। देश के कुछ हिस्सों में किल्लत को लेकर जताई जा रही आशंकाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है और आम उपभोक्ताओं को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
केंद्र सरकार ने दिए बदलाव के निर्देश
दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने भी कीमतों के दबाव को कम करने और बाजार में उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कच्ची चीनी के आयात नियम में महत्वपूर्ण बदलाव कर दिया है।
टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत आयात होने वाली कच्ची चीनी को रिफाइंड करके बेचने के लिए पहले 31 अक्टूबर 2026 की एक ही अंतिम तारीख तय थी। अब इस व्यवस्था को खत्म कर हर खेप के लिए अलग समय सीमा तय की गई है। नए नियम के अनुसार, आयातक को बिल ऑफ एंट्री जमा करने की तारीख से 2 महीने के भीतर कच्ची चीनी को रिफाइंड करके सफेद चीनी के रूप में घरेलू बाजार में बेचना होगा। इससे गोदामों में माल डंप नहीं रहेगा और चीनी तुरंत बाजार में पहुंचेगी।
बाजार में आपूर्ति सुधरने से जल्द गिर सकती हैं कीमतें
इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन (ISMA) के अध्यक्ष नीरज शिरगावकर ने भी भरोसा जताया है कि देश में चीनी का उत्पादन और उपलब्धता पूरी तरह संतोषजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में माल की कोई कमी नहीं है।
ईस्मा (Indian Sugar Mills Association) का कहना है कि सरकार द्वारा आयात और सप्लाई चेन को लेकर जो नए फैसले लिए गए हैं, उनका सकारात्मक असर अगले 7 से 10 दिनों के भीतर बाजार में देखने को मिलेगा। सप्लाई सुचारू होते ही चीनी के दाम में गिरावट आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
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