उत्तर प्रदेश के Mathura जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शेरगढ़ इलाके के हुसैनी गांव में चल रही एक अवैध पनीर फैक्ट्री (fake paneer) पर छापा मारकर भारी मात्रा में जहरीले रसायनों से तैयार किया जा रहा मिलावटी पनीर पकड़ा गया। टीम ने मौके पर ही सैकड़ों किलो दूषित पनीर और दूध को नष्ट करवा दिया।
केमिकल और रिफाइंड ऑयल से बन रहा था पनीर
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके त्रिपाठी के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। फैक्ट्री में पनीर को ज्यादा सफेद और चमकदार बनाने के लिए टिनोपाल और रंगकाट (सोडियम हाइड्रो सल्फेट) जैसे खतरनाक रसायनों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा मौके से 20 किलो टिनोपाल, 12 किलो रंगकाट और 80 किलो रिफाइंड सोयाबीन ऑयल बरामद किया गया।
लाखों रुपये का मिलावटी सामान कराया गया नष्ट
प्रशासनिक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग सवा दो लाख रुपये मूल्य का 500 किलोग्राम दूषित पनीर और 2,000 लीटर मिलावटी दूध मौके पर ही नष्ट करवा दिया। अधिकारियों ने कुल 9 नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। फैक्ट्री संचालक सोनू कुमार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर कसता शिकंजा
जिले में शुद्ध खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इससे पहले भी वृंदावन में मिठाई की दुकानों और गोदामों पर छापेमारी कर लगभग 4100 किलोग्राम असुरक्षित पेड़े और मिल्क केक को जेसीबी की मदद से गड्ढे में दबाकर नष्ट कराया गया था। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मचा हुआ है।







