Har Ghar Tiranga 2026 : देशभर में स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने की तैयारियां ज़ोरों पर हैं और इसी कड़ी में ‘हर घर तिरंगा अभियान 2026’ की धमाकेदार शुरुआत हो चुकी है। 9 अगस्त से शुरू हुआ यह खास अभियान 17 अगस्त तक पूरे देश में बड़े ही धूमधाम से चलाया जाएगा। 2022 में ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ से शुरू हुआ यह सफर अब एक सालाना परंपरा और देश का सबसे बड़ा जन-आंदोलन बन चुका है। इसका मकसद सिर्फ अपने घरों पर तिरंगा फहराना ही नहीं, बल्कि देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को हर भारतीय के दिल में जगाना है।
वंदे मातरम 150वीं वर्षगांठ के साथ मनाया जा रहा है यह खास उत्सव
इस साल का ‘हर घर तिरंगा’ अभियान पहले से कहीं ज्यादा ऐतिहासिक और भावनात्मक बन गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि वर्ष 2026 में भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। इस मौके पर पूरे देश में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया जाएगा, जो देशभक्ति का एक अद्भुत माहौल बनाएगा। इसके अलावा 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ भी मनाया जाएगा, ताकि लोग देश के इतिहास और कुर्बानियों को याद रख सकें।
‘सूर्य पथ तिरंगा’ डिजिटल रिले से दुनिया भर में फहरेगा हमारा तिरंगा
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नई दिल्ली में इस राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह अभियान अब केवल भारत तक सीमित नहीं है। दुनिया भर में मौजूद 200 से अधिक भारतीय दूतावास, उच्चायोग और वाणिज्य दूतावास इस उत्सव में भाग ले रहे हैं। इस बार एक बेहद यूनिक ‘सूर्य पथ तिरंगा’ डिजिटल रिले का आयोजन भी हो रहा है, जिसमें 54 भारतीय राजनयिक मिशन शामिल हैं। यह डिजिटल रिले 15 अगस्त को फिजी से शुरू होकर सैन फ्रांसिस्को में समाप्त होगी।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि तिरंगा केवल एक कपड़ा या ध्वज नहीं है, बल्कि यह भारत की एकता, स्वाभिमान और सामूहिक पहचान का प्रतीक है। यह उन वीर शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है जिन्होंने देश की आज़ादी और सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अभियान समाज के हर वर्ग को एकजुट करता है और हमें वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने की प्रेरणा देता है।







