NHAI Action on Lucknow-Kanpur Expressway: Lucknow-Kanpur Expressway पर लगातार बारिश के चलते सड़क धंसने की घटनाओं के बाद NHAI ने बड़ा एक्शन लिया है। एक तरफ NHAI ने अगले आदेश तक टोल टैक्स (Toll Tax) की वसूली नहीं किए जाने का निर्णय लिया है वहीं, दूसरी ओर निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगातार बारिश के चलते सड़क धंसने की घटनाओं के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है। NHAI ने साफ किया है कि जब तक एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित और दुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक इस मार्ग पर टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा साथ ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे परियोजना में कथित अनियमितताओं और लापरवाही को लेकर भी NHAI ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। एनएचएआई ने निर्माण कार्य से जुड़े रियायतग्राही , परामर्शदाता और परियोजना से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कई अहम फैसले लिए हैं।
NHAI का एक्शन… कई जिम्मेदार अधिकारी सस्पेंड
NHAI ने एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली कंपनी PNC को नॉन परफॉर्मर घोषित कर दिया है। NHAI ने निर्माण करने वाली कंपनी पीएनसी पर दो फीसदी जुर्माना भी लगाया है, साथ ही कंपनी को खुद इन गड़बड़ियों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की गड़बड़ियों को ठीक करने में करीब 3 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। काम पूरा होने तक टोल टैक्स की वसूली नहीं किए जाने का निर्णय लिया गया है।
साथ ही गड़बड़ी के मामले में PNC के प्रोजेक्ट मैनेजर, टीम लीडर और रेजिडेंट इंजीनियर हटा दिए गए हैं। इसके अलावा तीनों को दो साल तक MoRTH, NHAI, NHIDCL की परियोजनाओं से प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही स्वतंत्र इंजीनियरिंग कंपनी थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज को भी डिबारमेंट नोटिस जारी किया गया। वहीं NHAI ने वर्तमान और पूर्व परियोजना निदेशकों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरु कर दी है। परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग वापस भेज दिया गया है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को किया गया था और 14 जुलाई से इस पर ट्रैफिक को शुरू कराया गया था। इसके बाद से ही उन्नाव में सड़क धंसने के मामले सामने आए । अब NHAI ने पूरे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक से जांच कराने का फैसला लिया है। इसके अलावा IIT खड़गपुर के विशेषज्ञ एक्सप्रेसवे की तकनीकी जांच करेंगे, ताकि धंसाव के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।







