Jharkhand Naxalite Arrest: Jharkhand के दलमा जंगल (Dalma Jungle) में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त ऑपरेशन में तीन माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं इनके पास से AK-47, इंसास राइफल, कारतूस और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।
दलमा के घने जंगल, नक्सलियों की एक बड़ी साजिश और सुरक्षाबलों का ऐसा ऑपरेशन। जिसने वक्त रहते एक बड़े खतरे को टाल दिया। झारखंड में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन सक्रिय माओवादियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, कारतूस और विस्फोटक भी बरामद हुए हैं। पुलिस का दावा है कि ये माओवादी किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे। आखिर पूरा ऑपरेशन कैसे अंजाम दिया गया और जांच में क्या-क्या खुलासे हुए।
Dalma Jungle में नक्सलियों पर बड़ा एक्शन
पुलिस के मुताबिक गुप्त सूचना मिली थी कि कांड्रा थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव में माओवादी संगठन के सदस्य छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर झारखंड पुलिस, 203 कोबरा, सीआरपीएफ की 134वीं बटालियन और 26वीं वाहिनी एसएसबी की संयुक्त टीम ने गांव की घेराबंदी कर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों की घेराबंदी में संगठन के तीन सक्रिय नक्सली पकड़े गए।
जिनमें मदन महतो उर्फ शंकर महतो: 15 लाख रुपये का इनामी, रवि सरदार उर्फ सागर सिंह उर्फ बिरेन सिंह: 5 लाख रुपये का इनामी और मीना पहाड़िया उर्फ नेपू पहाड़िया (रवि सिंह सरदार की पत्नी): 2 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, नक्सलियों के ठिकाने से सुरक्षा बलों ने हथियारों और सैन्य उपकरणों का संग्रह जब्त किया है। जिसमें स्वचालित राइफलें, पिस्टल, विभिन्न प्रकार के जिंदा कारतूस, मैगजीन, विस्फोटक सामग्री, वायरलेस संचार उपकरण (वॉकी-टॉकी), मोटरसाइकिल और पुलिस बेल्ट समेत अन्य सामान बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दलमा क्षेत्र में माओवादियों की नई रणनीति और नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। पूरे मामले में भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, यूएपीए, सीएलए एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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