उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री Pankaj Chaudhary गुरुवार को Maharajganj जिले के नौतनवा पहुंचे। नौतनवा आगमन पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया। अपने इस दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने तहसील मुख्यालय पर स्थित एक नवनिर्मित अस्पताल का फीता काटकर औपचारिक उद्घाटन किया।
उद्घाटन के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए Pankaj Chaudhary ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और विकास कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।
कांवड़ यात्रा पर राजनीति कर रहे विपक्षी दल
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘कांवड़ यात्रा पर राजनीति कर रहे विपक्षी दल’ केवल अपनी पुरानी आदतों को दोहरा रहे हैं। पिछली सरकारों के दौरान कांवड़ यात्रियों के साथ खुला भेदभाव किया जाता था और उन्हें सुविधाएं देने के बजाय परेशान किया जाता था।
भाजपा सरकार ने व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित बनाया है। वर्तमान में कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरे रूट पर सीसीटीवी, ड्रोन और बुनियादी सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
एक विशेष वर्ग को खुश करने का प्रयास
Pankaj Chaudhary ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता केवल ‘एक विशेष वर्ग को खुश करने का प्रयास’ में लगे रहते हैं, इसीलिए वे पवित्र धार्मिक यात्राओं पर अनावश्यक बयानबाजी करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य दायित्व हर नागरिक और श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और सकुशल संपन्न कराना है, जिसे सरकार मुस्तैदी से पूरा कर रही है।
पेपर लीक पर सख्त कदम
छात्रों के मुद्दे और जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘पेपर लीक पर सख्त कदम’ उठाए हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। कड़े कानूनों के जरिए ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाने का काम शुरू हो चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को सीमित कार्रवाई करनी पड़ी। सरकार के लिए छात्रों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है।







