India-Moldova relations: मोल्दोवा में आपको हमेशा एक भरोसेमंद दोस्त मिलेगा- राष्ट्रपति माया सैंडू ने क्यों कही यह बात?

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India-Moldova relations: वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता और कूटनीतिक बदलावों के बीच भारत और मोल्दोवा के रिश्ते एक नए और मजबूत मोड़ पर पहुँच गए हैं। सोमवार को Moldova की राष्ट्रपति माया सैंडू (Maia Sandu) ने भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (Droupadi Murmu) का स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच गहराते संबंधों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आकार में अंतर होने के बावजूद दोनों देश लोकतांत्रिक आजादी, मानवीय गरिमा और अपने नागरिकों की भलाई जैसे एक जैसे मूल्यों से जुड़े हुए हैं।

India-Moldova relations: भारत एक भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहा है- राष्ट्रपति सैंडू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ आयोजित एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में राष्ट्रपति सैंडू ने स्पष्ट किया कि मोल्दोवा भारत के साथ एक भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब दुनिया में शांति और स्थिरता की सख्त जरूरत है, तब दोनों देशों का एक साथ आना बहुत मायने रखता है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रपति को भरोसा दिलाया कि मोल्दोवा के रूप में भारत को हमेशा एक सच्चा और विश्वसनीय दोस्त मिलेगा। यह साझेदारी दोनों देशों के विकास और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर गढ़ी जा रही है।

राष्ट्रपति माया सैंडू का संबोधन

राष्ट्रपति सैंडू ने अपने संबोधन में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और आर्थिक मजबूती की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और बेहद गतिशील लोकतंत्र है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय में राजनीतिक संवाद काफी तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2024 में करीब 21 साल के लंबे अंतराल के बाद द्विपक्षीय परामर्श प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई और नई दिल्ली में मोल्दोवा का दूतावास खोला गया। इस नई शुरुआत के बाद से ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का मोल्दोवा दौरा

भारतीय राष्ट्राध्यक्ष का यह दौरा मोल्दोवा के इतिहास में एक बेहद ऐतिहासिक क्षण है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के 34 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब कोई भारतीय राष्ट्रपति मोल्दोवा की यात्रा पर आया है। राष्ट्रपति सैंडू ने इस दौरे को अपने देश और देशवासियों के लिए बड़े सम्मान की बात बताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और मजबूत होते रिश्तों का सबसे बड़ा प्रमाण है।

व्यापारिक और आर्थिक मोर्चे पर बात करते हुए दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर सहमति बनी। दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष बिजनेस फोरम की भी शुरुआत की जा रही है, जिससे दोनों देशों के कारोबारियों और कंपनियों को सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी मोल्दोवा और भारत के बीच संबंध काफी अहम हैं। इस समय मोल्दोवा की विभिन्न यूनिवर्सिटीज में लगभग 1400 भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर मेडिकल की पढ़ाई से जुड़े हैं। उच्च शिक्षा में नए सहयोग के लिए समझौता वार्ता पूरी हो चुकी है, जिस पर जल्द ही हस्ताक्षर किए जाएंगे।

इसके अलावा, मोल्दोवा भारत के फार्मास्यूटिकल अनुभव का लाभ उठाकर अपने नागरिकों के लिए किफ़ायती दवाइयाँ उपलब्ध कराने और भारतीय निवेश को आकर्षित करने का इच्छुक है। अंत में, राष्ट्रपति सैंडू ने राष्ट्रपति मुर्मु द्वारा भेंट की गई महात्मा गांधी की प्रतिमा के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि सच्ची शांति स्वतंत्रता और आपसी समझ से ही स्थापित होती है।

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