Parliament monsoon session 2026: पहले दिन हंगामे की भेंट चढ़ी कार्यवाही, लोकसभा में जजों की संख्या का बिल पेश

Parliament monsoon session 2026

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Parliament monsoon session 2026: संसद के मानसून सत्र (monsoon session) का पहला दिन काफी हंगामेदार रहा और विपक्ष के भारी विरोध के कारण पहले ही दिन दोनों सदनों की कार्यवाही पूरी तरह प्रभावित हुई। विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों और परीक्षाओं में गड़बड़ी पर तुरंत चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी की। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों की कार्यवाही को बार-बार रोकना पड़ा और अंततः पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।

Parliament monsoon session 2026: दिवंगत पूर्व नेताओं और दिग्गजों को श्रद्धांजलि

मानसून सत्र के पहले दिन की शुरुआत दिवंगत पूर्व नेताओं और दिग्गजों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। लोकसभा अध्यक्ष ने कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी और छह पूर्व सांसदों के निधन पर शोक जताया। वहीं, राज्यसभा में सभापति सीपी राधाकृष्णन ने पूर्व सदस्यों बलबीर पुंज और स्वपन साधन बोस समेत कई अन्य हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यसभा में नौ नए सदस्यों ने पद और गोपनीयता की शपथ भी ली, लेकिन इसके तुरंत बाद विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को उठाकर बहस कराने की मांग शुरू कर दी।

लोकसभा में जजों की संख्या

हंगामे और लगातार होते स्थगन के बीच लोकसभा में एक महत्वपूर्ण विधायी कार्य संपन्न हुआ। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ सदन के सामने रखा। इस बिल के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है। हालांकि, भारी शोर-शराबे के कारण अन्य प्रमुख विधेयकों पर विस्तार से बात नहीं हो सकी।

राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित

राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश ने बार-बार सदस्यों से शांत रहने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने याद दिलाया कि संसद मुख्य रूप से संवाद, चर्चा और नीति-निर्माण का मंच है, इसलिए कार्यवाही को चलने देना चाहिए। लेकिन जब विपक्षी सदस्यों का विरोध शांत नहीं हुआ और लगातार व्यवधान बनता रहा, तो उपसभापति ने दोपहर के बाद सदन की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। पूरे दिन में कोई ठोस विधायी चर्चा न होने से पहला दिन बिना किसी बड़े फैसले के समाप्त हो गया।

यह भी पढ़ें: Rajya Sabha के 271वें सत्र का शुभारंभ: सभापति C. P. Radhakrishnan ने सदस्यों से की खास अपील

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