Badrinath Dham : उत्तराखंड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। चारधाम यात्रा और हमारी आस्था के केंद्र बद्रीनाथ धाम में हुए चढ़ावा चोरी मामले ने इस वक्त हर किसी को हैरान कर रखा है। इस मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। काफी दिनों से फरार चल रहे आरोपी और BKTC के सस्पेंड कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया है। आइए जानते हैं कि आखिर ये पूरा माजरा क्या है।
Badrinath Dham का क्या है पूरा मामला?
यह पूरी घटना 2 जुलाई की है, जब मंदिर के काउंटिंग रूम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की गिनती की जा रही थी। उसी दौरान श्री Badrinath Dham -केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष के वैयक्तिक सहायक (PA) प्रमोद नौटियाल पर चढ़ावे के पैसों में हेराफेरी करने के आरोप लगे। जब मंदिर परिसर के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाला गया, तो हर कोई दंग रह गया।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
फुटेज में साफ देखा गया कि आरोपी सुबह के समय ₹500 और ₹100 के नोटों की गड्डियां, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और चढ़ावे के लिफाफे गायब कर रहा था। वह बार-बार संदिग्ध रूप से काउंटिंग रूम से अपने ऑफिस के चक्कर काट रहा था। सोशल मीडिया पर यह बात फैलते ही ‘भैरव सेना’ नाम के संगठन ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले में मुकदमा दर्ज हुआ और आरोपी फरार हो गया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
चमोली के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रमोद नौटियाल को उसके घर से रविवार रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम उसे आगे की पूछताछ के लिए बद्रीनाथ लेकर गई है। इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
सरकार और समिति का एक्शन
BKTC की चार सदस्यों वाली जांच समिति ने शुरुआती जांच में नौटियाल के खिलाफ आरोपों को सही पाया था, जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया था। यही नहीं, उत्तराखंड सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गढ़वाल मंडल के कमिश्नर की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।







