PM Modi का राष्ट्र निर्माण मंत्र: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को नीतिशास्त्र के एक प्रसिद्ध श्लोक के जरिए देश के समावेशी विकास और राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भागीदारी को जरूरी बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर इस श्लोक को साझा करते हुए देश की प्रगति का मूल मंत्र समझाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर श्लोक को उद्धृत किया,
“’कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्।
राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे नित्यं विधानमिदमाचरेत्॥’
PM Modi के श्लोक का अर्थ
PM Modi द्वारा साझा किए गए श्लोक का अर्थ है कि महिलाओं का कल्याण सुनिश्चित करना, युवा पीढ़ी की रक्षा और पोषण करना तथा राष्ट्र की एकता, सुरक्षा, समृद्धि और सुचारु शासन के लिए निरंतर आवश्यक व्यवस्था करना जन प्रतिनिधि का निरंतर कर्तव्य है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब देश के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है, तभी देश आगे बढ़ता है।
जब चौतरफा विकास के साथ हर देशवासी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है, तब राष्ट्र की प्रगति को भी नई गति मिलती है। इसी प्रेरक भावना के साथ हम भारत के सामर्थ्य को निरंतर मजबूती देने में जुटे हुए हैं।
कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्।
राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे… pic.twitter.com/l7LZyxxNoY
— Narendra Modi (@narendramodi) July 13, 2026
इस प्रेरक श्लोक के जरिए प्रधानमंत्री ने यह साफ किया है कि एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं का विकास सबसे अहम है।
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