बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडी अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पर्दे पर अपनी शानदार टाइमिंग से सबको हंसाने वाले इस कलाकार के लिए कोर्ट से बेहद परेशान करने वाली खबर आई है। चेक बाउंस मामला उनके लिए अब एक बड़ा कानूनी संकट बन चुका है, जिसके चलते उन्हें आने वाले दिनों में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
अभिनेता Rajpal Yadav की कानूनी मुश्किलें बढ़ीं
शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट से Rajpal Yadav को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने चेक बाउंस के पुराने केस में उनकी तीन महीने की जेल की सजा को पूरी तरह बरकरार रखा है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अभिनेता के रवैए पर गंभीर टिप्पणी की और उनके व्यवहार को संदिग्ध बताया। अदालत ने साफ कहा कि बार-बार मौका दिए जाने के बाद भी वे अपने वादों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम रहे। इसी वजह से संबंधित अधिकारियों को उन्हें वापस हिरासत में लेकर जेल भेजने का निर्देश जारी किया गया है।
साल 2010 से जुड़ा है पूरा विवाद
इस पूरे विवाद की कहानी करीब 16 साल पुरानी है। साल 2010 में Rajpal Yadav ने बतौर डायरेक्टर अपनी पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने का फैसला किया था। इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। मगर दुर्भाग्य से यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रही। इसके बाद अभिनेता आर्थिक तंगी में फंस गए और तय समय पर कंपनी का लोन नहीं चुका पाए। कंपनी को रकम लौटाने के लिए उन्होंने जो चेक दिए थे, वे बैंक में बाउंस हो गए, जिसके बाद यह पूरा मामला अदालत की चौखट पर पहुंच गया।
लंबी कानूनी लड़ाई और पुराना इतिहास
चेक बाउंस मामला समय के साथ लगातार पेचीदा होता गया। साल 2018 में सबसे पहले निचली अदालत ने Rajpal Yadav और उनकी पत्नी राधा को इस मामले में दोषी पाया था और उन्हें छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2019 में सेशन कोर्ट ने भी निचली अदालत के इस फैसले को सही ठहराया। इसके बाद अभिनेता ने राहत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। समय के साथ उन पर कर्ज का बोझ भी बढ़ता गया। साल 2025 के अंत तक उनके ऊपर करीब 9 करोड़ रुपये का कुल कर्ज बकाया था, जो सात अलग-अलग मामलों से जुड़ा हुआ था।
कोर्ट की राहत के बाद भी नहीं चुका पाए रकम
जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर अस्थायी रोक लगाते हुए उन्हें बकाया रकम चुकाने का एक आखिरी और ईमानदारी से प्रयास करने का मौका दिया था। लेकिन अभिनेता इस बार भी कोर्ट के सामने किए गए अपने वादों को निभाने में पूरी तरह असफल रहे। अभिनेता के इसी टालमटोल वाले रवैए को देखते हुए कोर्ट ने इस साल 2 फरवरी को उन्हें सरेंडर करने का हुकम दिया था, और अब उनकी तीन महीने जेल की सजा को अंतिम रूप से बरकरार रख दिया गया है।
Rajpal Yadav का यह मामला इस बात का बड़ा उदाहरण है कि कानूनी समझौतों और वित्तीय लेनदेन में लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। अदालत ने उन्हें अपनी गलती सुधारने के कई मौके दिए, लेकिन वादे पूरे न करने की वजह से आखिरकार उन्हें दोबारा जेल जाने का आदेश दे दिया गया।







