Kashi Vishwanath Temple News: वाराणसी के स्थानीय शिवभक्तों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन को और भी आसान बनाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब बनारस के लोगों को मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारों में लगकर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री के विशेष निर्देशों के बाद मंदिर प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों के लिए प्रवेश की व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया है, जिससे अब वे अपनी सहूलियत के हिसाब से किसी भी समय बाबा के दरबार में हाजिरी लगा सकेंगे।
Kashi Vishwanath Temple News: स्थानीय लोगों के लिए विशेष मार्ग की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हालिया वाराणसी दौरे के दौरान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन को स्थानीय निवासियों के लिए एक अलग दर्शन मार्ग बनाने का निर्देश दिया था। इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य यह था कि बनारस में रहने वाले लोगों को अपने ही शहर के आराध्य के दर्शन करने में कोई कठिनाई न हो। सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (SDM) और मंदिर अधिकारी शंभू शरण ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश के तुरंत बाद प्रशासन ने इस पर काम शुरू कर दिया है और अब स्थानीय लोगों के लिए प्रवेश के समय को बढ़ाकर पूरा दिन करने का बड़ा निर्णय लिया गया है।
अब दो घंटे की जगह पूरे दिन मिलेगा प्रवेश
इस नई व्यवस्था के लागू होने से पहले स्थानीय लोगों के लिए नियम काफी कड़े थे। मंदिर अधिकारी शंभू शरण ने बताया कि स्थानीय भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर ट्रस्ट ने साल 2024 में ‘काशी द्वार’ (गेट नंबर 4B) की शुरुआत की थी। पुरानी व्यवस्था के तहत, वाराणसी के निवासियों को केवल सुबह 4 से 5 बजे तक और शाम को 4 से 5 बजे तक ही अपना वैध पहचान पत्र दिखाकर इस गेट से प्रवेश करने की अनुमति थी।
यानी दिनभर में केवल दो घंटे ही यह खिड़की खुलती थी। लेकिन अब इस समय सीमा को काफी बढ़ा दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत वाराणसी के निवासी एक वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) दिखाकर काशी द्वार (गेट नंबर 4B) से सुबह 4:15 बजे से लेकर देर रात 10:45 बजे तक मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।
खास और बड़े त्योहारों पर लागू नहीं होगी यह छूट
प्रशासन ने इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि यह विशेष सुविधा बड़े त्योहारों, सावन के सोमवार और महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों पर उपलब्ध नहीं होगी। ऐसे विशेष दिनों में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसके कारण सुचारू व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन बनाए रखने के लिए स्थानीय निवासियों को इस निर्धारित समय की छूट नहीं दी जाएगी। उस दौरान सभी को सामान्य नियमों का ही पालन करना होगा ताकि सुरक्षा और व्यवस्था में कोई चूक न हो।
प्रशासन के इस फैसले से जहां एक तरफ बनारस के स्थानीय लोगों में भारी खुशी है, वहीं दूसरी तरफ इससे मंदिर परिसर के भीतर भीड़ प्रबंधन भी काफी सुधरेगा। स्थानीय लोगों के लिए पूरा दिन गेट खुले रहने से सुबह और शाम के वक्त होने वाली अचानक भीड़ से राहत मिलेगी और बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों को भी दर्शन करने में आसानी होगी।







